तीस हजारी कोर्ट में बवाल के बाद से 15 दिन से हड़ताल पर चल रहे वकील शनिवार को काम पर लौट आए। हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद जिला अदालतों की कोऑर्डिनेशन कमेटी ने हड़ताल समाप्त कर दी है। हालांकि वकील पर गोली चलाने वाले पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी की मांग वे उठा रहे हैं। अदालतों में काम शुरू होने से लोगों ने राहत की सांस ली है।
शनिवार से तीस हजारी, पटियाला हाउस, साकेत, रोहिणी, द्वारका और कड़कड़डूमा सभी निचली अदालतों में काम शुरू हो गया। इससे कई दिन से रुकी मुकदमों की सुनवाई शुरू हो सकी। लोग काफी संख्या में कोर्ट पहुंचे। इस बीच, सभी अदालतों में शांति बनी रही।
इस हड़ताल के कारण अदालतों में उत्तर प्रदेश के उन्नाव दुष्कर्म केस और बिहार के मुजफ्फरपुर शेल्टर होम यौन शोषण जैसे मामलों की सुनवाई भी अटक गई थी। वकीलों की हड़ताल के दौरान वादियों को कोर्ट से अगली तारीखें मिल गई थीं। अब सुनवाई शुरू हो गई। हड़ताल के बीच जो लोग तारीख पर नहीं पहुंचे, उन्हें भी अगली तिथियां मिल गईं।
उल्लेखनीय है कि 2 नवंबर को तीस हजारी कोर्ट में पार्किंग के विवाद में वकीलों और पुलिस के बीच झड़प हो गई थी। इस दौरान एक वकील को पुलिस की गोली लग गई थी।
इसके बाद कोर्ट में वकीलों और पुलिस के बीच बवाल की स्थिति पैदा हो गई थी। वकील पर गोली चलाने के आरोपी पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर वकील 4 नवंबर से हड़ताल पर थे।