12-14 लेन के लिए भले ही दसियों साल से हीलाहवाली की जा रही थी, मगर हकीकत तो यह है कि यूपी गेट से डासना तक एनएच-24 का चौड़ीकरण 16 नहीं, 25 लेन से भी अधिक किया जा सकता है।
यूपी गेट से डासना तक के करीब 20.28 किलोमीटर के हिस्से में एनएच-24 के दोनों ओर 100 मीटर खाली जमीन है।
जीडीए इंजीनियरों के मुताबिक एक लेन के लिए 3.5 मीटर की जरूरत होती है। ऐसे में 100 मीटर पर सर्विस रोड, डिवाइडर समेत 25 लेन का हाईवे बन सकता है।
जमीन होने के बावजूद शहरवासी बीते एक दशक से एनएच-24 पर जाम का झाम झेलने के लिए मजबूर हैं। बुधवार को केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की अध्यक्षता में हुई बैठक में एनएच-24 को 16 लेन तक चौड़ा करने पर सहमति बनी है।
अमर उजाला की टीम ने बृहस्पतिवार को हाईवे के चौड़ीकरण के लिए जमीन की उपलब्धता की हककीत परखी। दिल्ली, यूपी गेट से नोएडा कट, विजयनगर, एबीईएस व मसूरी से लेकर डासना तक हाईवे केदोनों ओर 10 से 12 लेन तक अतिरिक्त रोड बनाने की जगह मौजूद है।
16 लेन के लिए 56 मीटर
जीडीए वीसी संतोष यादव ने कहा कि केंद्रीय मंत्री को हाईवे पर उपलब्ध जगह की जानकारी दी गई। एलीवेटेड रोड वहां बनाई जाती हैं, जहां जगह की कमी हो।
प्राधिकरण के मास्टर प्लान में एनएच-24 के दोनों ओर 100 मीटर जगह खाली छोड़ी है। इसे 16 लेन तक चौड़ा करने में अड़चन नहीं है।
प्रत्येक रोड की एक लेन की चौड़ाई 3.5 मीटर होती है। इससे 16 लेन के निर्माण के लिए 56 मीटर जगह की जरूरत पड़ेगी।
यहां हटाना पड़ेगा अतिक्रमण
हालांकि हाईवे चौड़ीकरण के लिए विजयनगर चौराहा, सिद्धार्थ विहार, छिजारसी, महरौली, डूंडाहेड़ा, प्रताप विहार कट के पास अस्थायी अतिक्रमण हटाना पड़ेगा। विजयनगर बाईपास चौकी, एनएच-पीडब्लूडी खंड ऑफिस शिफ्ट करना पड़ेगा।
बढ़ेगी कनेक्टिविटी, बढ़ेगा कारोबार
हाईवे किनारे बसी टाउनशिप और कालोनियों के लोगों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।रियल एस्टेट कारोबार में भी बूम लाएगा। इंदिरापुरम, गाजियाबाद, नोएडा, दिल्ली की कनेक्टिविटी होने से कई बिल्डर प्रोजेक्ट साकार होंगे।
जीडीए ने दी आरओबी के एस्टिमेट पर सहमति
धोबीघाट आरओबी निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ी। जीडीए ने रेलवे से मिले आरओबी निर्माण के एस्टिमेट पर अपना सहमति पत्र भेज दिया। रेलवे ने 94 करोड़ रुपये का एस्टिमेट भेजा है।
सांसद और केंद्रीय मंत्री वीके सिंह के प्रयासों से जीडीए और रेलवे फंडिंग देने के प्रस्ताव पर राजी हुए थे। जीडीए वीसी संतोष यादव ने बताया कि धोबीघाट के पास रेलवे के करीब 60 वर्ष पुराने 151 मकान बने हुए हैं।
घंटाघर पर जीटी रोड कट फिर बंद
घंटाघर के पास जीटी रोड के कट को फिर से बंद कर दिया गया है। दिवाली पर व्यापार मंडल के विरोध के कारण कट को खोल दिया गया था। जाम लगने के कारण दोबारा से कट को बंद कर दिया गया।
ट्रैफिक पुलिस अधिकारियों का तर्क है कि कट के कारण वाहन आगे बने यू टर्न से घूमने के बजाए इस कट से रांग साइड जाते हैं। जीटी रोड पर जाम लगता है।
ट्रैफिक इंस्पेक्टर अनिल यादव ने बताया कि कट के बंद होने से घंटाघर पर जाम नहीं लगता। वाहन आगे से घूमकर आते हैं।