मथुरा में 126 करोड़ रुपये के जमीन घोटाले की जांच रिपोर्ट में एक आरोपी अधिकारी ने यमुना प्राधिकरण के चेयरमैन डॉ. प्रभात कुमार को पत्र भेजा है, जिसमें अधिकारी ने खुद को निर्दोष बताते हुए घोटाले से जुड़े कई और राज भी उगले हैं।
सूत्रों ने बताया कि हाल ही में अधिकारी की तरफ से पांच पन्नों का पत्र मिला है, जिसमें बताया गया है कि पूर्व सीईओ पीसी गुप्ता व अन्य लोगों ने किस तरह से घोटाले किए हैं। हालांकिख् उस अधिकारी ने खुद को निर्दोष भी बताया है। इसे भी घोटाले के साक्ष्य के रूप में देखा जा रहा है। इस मामले की सीबीआई जांच के लिए प्रदेश सरकार पहले ही संस्तुति दे चुकी है। किसी भी दिन सीबीआई इसकी औपचारिक जांच शुरू कर सकती है।
वहीं, मथुरा की तरह ही हाथरस में जमीन खरीदने में भी यीडा को करोड़ों रुपये का नुकसान पहुंचाने की बात कही जा रही है। इसकी भी जांच रिपोर्ट तैयार हो चुकी है। इसी हफ्ते में रिपोर्ट दर्ज हो सकती है। इसे मथुरा से बड़ा जमीन घोटाला बताया जा रहा है। इसमें भी मथुरा घोटाले से जुड़े आरोपियों के नाम सामने आ रहे हैं।