यमुना प्राधिकरण के मथुरा में 126 करोड़ के जमीन घोटाले के मामले में पुलिस 21 नामजदों में किसी एक की भी गिरफ्तारी नहीं कर पाई है। मामले में एफआईआर दर्ज हुए 17 दिन बीत चुके हैं। बड़े घोटाले की जांच की आंच में प्रदेश के एक पूर्व आलाधिकारी का नाम भी आ गया है।
प्राधिकरण सूत्रों का कहना है कि गिरफ्तारी न होने का मामला सीएम दरबार तक पहुंच गया है। वहीं, पुलिस ने एक बार फिर मेरठ में दबिश देकर आरोपियों के चार रिश्तेदारों को हिरासत में लेने का दावा किया है।
यमुना प्राधिकरण के 126 करोड़ के जमीन घोटाले की चेयरमैन प्रभात कुमार के निर्देश पर दो जून को कासना कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज की गई थी। बताया जा रहा था कि मामले की जांच पूरी होने के बाद ही 21 नामजद समेत अन्य आरोपियों पर रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।