उत्तर प्रदेश के ड्रीम प्रोजेक्ट नाइट सफारी को अमली जामा पहनाने के लिए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण अधिग्रहित जमीन पर कब्जा लेने की प्रक्रिया शुरू करने जा रहा है।
जमीन पर कब्जा लेने के लिए प्राधिकरण ने पुलिस बल मांगा है। चार दिन मौके पर जाकर मेढ़ तोड़ने का काम किया जाएगा।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने देश की पहली नाइट सफारी बनाने के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। नाइट सफारी के लिए कई साल पहले अधिग्रहण की गई जमीन पर कब्जा नहीं किया जा सका था।
चुनाव प्रक्रिया खत्म होने के साथ ही प्राधिकरण ने कब्जा की रणनीति बनाई है। जिसके तहत प्राधिकरण के ओएसडी ने एसपी देहात को पत्र भेजकर 26 मई से 30 मई तक पुलिस बल मांगा है।
जिसके लिए एक कोतवाल, 2 दरोगा, 10 हैडकांस्टेबल, 1 महिला निरीक्षक, 5 महिला सिपाही और बड़ी संख्या में फोर्स की मांग की है।
26 मई से नाइट सफारी के लिए भूमि पर कब्जा करने के लिए मेढ़ तुडाई का काम किया जाएगा। नाइट सफारी प्रोजैक्ट के लिए अब तक जितनी भी जमीन का अधिग्रहण किया जा चुका है। उस पर कब्जा लिया जाएगा।
इस जमीन का मुआवजा उठाने के बाद भी कई साल से किसान खेती कर रहे हैं। अब जमीन पर कब्जा कर जल्द ही प्राधिकरण नाइट सफारी का काम शुरू करने की तैयारी में है।
गौरतलब है कि यमुना एक्सप्रेसवे के समीप नाइट सफारी बनाई जा रही है। इसके लिए मुर्शदपुर से लेकर दनकौर तक करीब 250 एकड़ क्षेत्र में नाइट सफारी बनाई जानी है।
इस प्रोजेक्ट पर करीब एक हजार करोड़ रुपये खर्च होने हैं। जिसमें होटल, झील, जंगल, बार बनाए जाने हैं। यह प्रोजेक्ट 2003 से फाइलों में आया था। प्रोजेक्ट के लिए सभी औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं।
पर्यावरण, वन और केंद्र सरकार से इसकी स्वीकृति मिल चुकी है। इसे बनाने के लिए वर्नाड हेडिसन कंपनी से करार भी हो चुका है।
अभी तक विश्व में सिंगापुर, थाइलेंड और चीन में नाइट सफारी हैं। यहां पर यह चौथी नाइट सफारी होगी। अन्य तीनों नाइट सफारी को भी उक्त कंपनी ने ही बनाया था।