ग्रेटर नोएडा के दादरी तहसील के गांव चक-मंगरौला गांव की 150 बीघा सरकारी जमीन को फर्जी रूप से अपने नाम करवाकर भूमाफिया ने उसे बेच दिया। इस जमीन की बाजार कीमत करीब 30 करोड़ रुपये है। हरियाणा के ग्राम मौजमाबाद के दिनेश कुमार का आरोप है कि भूमाफिया ने तहसील कर्मचारियों और सर्वे विभाग से मिलीभगत कर फर्जी तरीके से दस्तावेजों में जमीन अपने नाम करवाई। इस शिकायत पर जिलाधिकारी ने मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने का आदेश दिया।
दिनेश ने जिलाधिकारी को बताया कि चक मंगरौला में खसरा संख्या 42, 43, 44, 45, 47, 48, 49, 52 रकबे से 150 बीघा अतिरिक्त जमीन को सीलिंग के रूप में निकाला गया था। राजस्व के दस्तावेजों में यह जमीन सीलिंग (ग्राम समाज या सरकारी जमीन) के रूप में दर्ज थी, लेकिन भूमाफिया ने उक्त जमीन पर तहसील कर्मचारियों और सर्वे विभाग से मिलीभगत कर दस्तावेज बदल दिए।
फर्जी हस्ताक्षर के आधार पर भूमाफिया ने 10 फरवरी 1979 को सीलिंग आवंटन दर्शाकर खतौनी के 1386 तथा 1391 फसली में खाता संख्या 8 पर अपना नाम दर्ज करा लिया। इस संबंध में कलेक्टर या उपजिलाधिकारी से कोई भी आवंटन प्रस्ताव या स्वीकृति नहीं ली गई। फर्जी रूप से नाम दर्ज कराने के बाद भूमाफिया ने अलग-अलग कई इकरारनामा लिखकर जमीन बेच दी। यह भूमि आज तक असंक्रमणीय दर्ज है, जिसे बिना जिला अधिकारी की अनुमति के बेचा नहीं जा सकता। आरोप है कि भूमाफिया ने 30 करोड़ रूपये की जमीन बेचकर राज्य सरकार को क्षति पहुंचाई है। दिनेश ने 150 बीघा जमीन के फर्जी प्रविष्ट दर्ज करने और बेचने के मामले की जांच कराने और इसे निरस्त कराने की मांग जिलाधिकारी से की है।