अर्थला झील पर कब्जा कर प्लाटिंग का सिलसिला अफसरों की कार्रवाई के बावजूद भी रुका नहीं है। झील पर बसी बालाजी विहार कालोनी का नाम सुर्खियों में आने से यहां खरीदारों की कमी हुई तो भूमाफियाओं ने इसका भी तोड़ ढूंढ निकाला।
अब झील की जमीन पर चित्रगुप्त कालोनी के नाम से प्लाट बेचे जा रहे हैं। अफसरों ने इन पर रोक नहीं लगाई तो जल्द ही यहां एक और अवैध कालोनी बसी दिखाई देगी।
हाईकोर्ट के आदेश पर नगर निगम के संपत्ति विभाग ने करीब छह महीने से यहां कार्रवाई शुरू कर रखी है। मकानों का सर्वे, झील की जमीन की पैमाइश और मंडलायुक्त की टीम के निरीक्षण से बालाजी विहार के लोगों में हड़कंप मचा है।
यहां प्लाट खरीद चुके लोगों को मकान गिराए जाने का डर है तो नए खरीदारों ने यहां का रुख करना ही बंद कर दिया। निगम अधिकारियों के मुताबिक बालाजी विहार की ही गलियों को अब चित्रगुप्त कालोनी का नाम दिया जा रहा है, ताकि खरीदारों को गुमराह किया जा सके।
फ्री की जमीन, मोटी कमाई
भूमाफिया निजी खसरा नंबरों की रजिस्ट्री दिखाकर निगम की जमीन 10 हजार रुपये गज में बेच रहे हैं। निगम के ही एक कर्मचारी ने फर्जी ग्राहक बनकर फोन पर भूमाफिया से प्लाट खरीदने की बात की तो उसने सरकारी कार्रवाई से भी बचाने का दावा किया।