फरीदाबाद के सेक्टर-75 व 80 की जमीन अधिग्रहण रद्द करने संबंधी ग्रेटर फरीदाबाद (ग्रेफ) के किसानों की याचिका पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में मंजूर हो गई है।
इसके बाद कोर्ट ने प्रदेश सरकार को इस मामले पर अपना पक्ष रखने के लिए 12 सितंबर तक का समय दिया है। साथ ही सेक्टर-75 व 80 की जमीन को यथा रखने के आदेश दिए हैं।
प्रेस को जारी एक बयान में इस बात का दावा ग्रेटर फरीदाबाद किसान संघर्ष समिति के कार्यकारी अध्यक्ष एडवोकेट शिवदत्त वशिष्ठ ने किया है।
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उन्होंने शुक्रवार को सेक्टर-9 स्थित कार्यालय पर पांचों गांवों बड़ौली, प्रह्लादपुर, मिर्जापुर, भतौला एवं सीही के किसानों की बैठक बुलाई, जिसमें जमीन अधिग्रहण रद्द कराने के विषय में पहली सफलता की जानकारी दी।
वशिष्ठ ने बताया कि जनवरी 2014 में केंद्र सरकार ने नया भूमि अधिग्रहण कानून लागू कर दिया है, जिसमें यह प्रावधान है कि जिन किसानों की जमीन सरकार ने जबरन ली है, अधिग्रहण हुए पांच वर्ष पूरे हो गए हैं और किसानों ने मुआवजा नहीं उठाया है तो उसका अधिग्रहण रद्द हो सकता है।
उन्होंने बताया कि सेक्टर-75 व 80 के लिए सरकार ने जबरन 150 एकड़ अतिरिक्त जमीन का अधिग्रहण किया था। ताकि बिल्डरों को फायदा पहुंचाया जा सके।
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जबकि यह जमीन काफी उपजाऊ है। इस मामले पर कई बार केंद्र सरकार को भी अवगत कराया गया। लेकिन प्रदेश सरकार की मनमानी के आगे किसानों की एक नहीं चली।
ऐसे में मजबूरन 26 मई को पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में दोनों सेक्टरों की जमीन का अधिग्रहण रद्द करने की याचिका डाली गई थी। कोर्ट ने याचिका मंजूर कर ली है।