पंचायत चुनावों में समाजवादी पार्टी में शुरू हुई खींचतान अब सार्वजनिक होने लगी है। पार्टी की गुटबाजी से परेशान एमएलसी जितेंद्र यादव ने वार्ड-6 से अपनी पत्नी आशा को चुनाव मैदान से हटाने का फैसला लिया है।
जितेंद्र यादव बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव के समधी हैं और सपा मुख्यमंत्री के नजदीकी हैं। पार्टी की गुटबाजी से अब बड़े नेता भी परेशान होने लगे हैं। जिला पंचायत अध्यक्ष पद की प्रबल दावेदार मानी जा रही लालू प्रसाद यादव की समधन को भी गुटबाजी के चलते चुनाव लड़ने का अपना इरादा छोड़ना पड़ा है।
मुरादनगर-सुराना वार्ड 6 से एमएलसी जितेंद्र यादव की पत्नी और लालू यादव की समधन आशा यादव के चुनाव मैदान में उतरने की पूरी तैयारी थी। पिछले सप्ताह ही इस वार्ड में उनकी वोट ट्रांसफर कराई गई थी।
इसके बाद से ही उनका पार्टी में विरोध शुरू हो गया था। आशा यादव के सामने सपा युवजन सभा के पूर्व राष्ट्रीय महासचिव व वरिष्ठ अधिवक्ता नाहर सिंह यादव ने अपनी पत्नी शीला यादव को मैदान में उतारने की घोषणा कर दी।
उधर सपा के मुरादनगर विधानसभा अध्यक्ष विकास यादव ने भी अपनी पत्नी को चुनाव मैदान में उतारने की घोषणा कर दी है।
जितेंद्र यादव एमएलसी हैं, और नोएडा के रहने वाले हैं। सभी पद उनको ही चाहिए। मेरे वार्ड में पत्नी की वोट बनवाकर चुनाव लड़ा रहे हैं। मैं भी मैदान में आ गया हूं। अपने-अपने जनाधार का अहसास हो जाएगा। - नाहर सिंह यादव, पूर्व राष्ट्रीय महासचिव सपा युवजन सभा