आम आदमी प्रमुख अरविंद केजरीवाल और राष्ट्रीय लोकदल प्रमुख अजित सिंह के बाद अब जनता दल प्रमुख लालू प्रसाद यादव ऐसे नेता हैं, जो सरकारी बंगले पर कब्जा जमाए हुए हैं। संबंधित विभाग अब इन्हें नोटिस पकड़ाने की तैयारी कर रहा है। वहीं एक पूर्व राज्यपाल को भी बेदखली की नोटिस पकड़ाकर कार्रवाई शुरू की जा चुकी है।
असल में राजनेताओं को सरकारी बंगले में रहने की लत लग जाती है, जो सुविधा इन घरों में जितनी कम लागत पर मिल जाती है, किसी अन्य घर में शायद 10 गूने कीमत चुकाने पर भी न मिले। इसलिए इन बंगलों को राजनेताओं से खाली कराने में पीडब्लूडी को एड़ी-चोटी का दम लगना पड़ जाता है।
आप इस बीमारी का अंदाजा इससे लगा सकते हैं कि कभी सरकारी बंगला ना लेने की बात करने वाले आप प्रमुख केजरीवाल ने सरकार छोड़ने के महीनों बाद तक बंगले में कब्जा जमाए रखा था। ठीक उसी तरह राजद प्रमुख लालू यादव ने भी एम्स इलाज, परिजनों की बीमारी और पढ़ाई आदि कारण गिनाकर एक साल से अधिक समय से स्पेशल लाइसेंस फीस चुकाकर सरकारी बंगले में जमे हुए हैं।