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निर्दोष होने के बाद भी बीस साल जेल में गुजारने वाले विष्णु को सहायता को आगे आ रहे लोग

Tue, 16 Mar 2021 04:42 PM IST
विक्रांत चतुर्वेदी संवाद न्यूज एजेंसी, ललितपुर
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जेल से बाहर आने के बाद विष्णु - फोटो : अमर उजाला
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जेल से छूटकर आए निर्दोष ग्राम सिलावन के विष्णु तिवारी की मदद को लोग हाथ बढ़ा रहे हैं। अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा के पदाधिकारियों ने सोमवार को विष्णु के घर पहुंचकर दस हजार रुपये एवं सवा क्विंटल गेहूं की सहायता प्रदान की है। प्रदेश अध्यक्ष पंडित राहुल त्रिपाठी कानपुर, जिलाध्यक्ष पंडित अमित कांत दीक्षित टिंकू ने विष्णु तिवारी के घर पहुंचकर दस हजार रुपये और सवा क्विंटल गेहूं की आर्थिक सहायता दी। साथ ही विष्णु तिवारी को अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा का उपाध्यक्ष बनाया गया है। 

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इस अवसर पर विष्णु का मकान बनाने के लिए भूमि पूजन भी किया गया। इस मौके पर किशन शर्मा झांसी, उरई से आए जिलाध्यक्ष, जिला सचिव शुभम मोनू वाजपेई, रजत वैद्य, नगर अध्यक्ष अमित कौशिक लक्ष्मीपुरा, नगर उपाध्यक्ष अरविंद पाठक, चंद्रमौलि तिवारी, जिलाध्यक्ष विधि प्रकोष्ठ वरिष्ठ सदस्य पं सौरभ पाठक, गौरव, उमेश नायक, रामशंकर पटैरिया, सुरेंद्र पाठक, सुमंत पाठक, अनुपम महाराज उमरिया, रितेश पाठक, अंशुल दीक्षित, अनिल दुबे, अखिलेश पांडे, अरविंद गोस्वामी, श्याम बिहारी दीक्षित, ऋषि शुक्ला, राजेश दीक्षित, अखिलेश तिवारी, विकास तिवारी, आशीष मिश्रा, आनंद दीक्षित, सुजीत पाठक, प्रांजल शर्मा, कृष्णा शर्मा, आदेश तिवारी, नीरज कौशिक, रविकांत दीक्षित, राजेश शर्मा, शशिकांत दीक्षित, विनीत तिवारी, सचिन तिवारी, राजा वाजपेई, विजय प्रकाश चौबे, उमेश वैद्य, सोनू देवलिया, नरेश कौशिक, अरविंद कौशिक, जितेंद्र पांडे, ललित चौबे, अंकुर दिक्षित, अनुज दिक्षित, कैलाश दुबे, दीपेश तिवारी, आकाश तिवारी, राजकुमार आदि उपस्थित रहे।

अन्य जनपदों से भी समाजसेवी पहुंचने लगे
दुष्कर्म और एससी/ एसटी एक्ट के मामले में हाईकोर्ट से निर्दोष होने के बाद बीस साल बाद आगरा जेल से रिहा हुए ग्राम सिलावन निवासी विष्णु तिवारी की मदद के लिए जिले के अलावा अन्य जनपदों से भी समाजसेवी पहुंचने लगे हैं। हालांकि, अभी तक प्रशासन या शासन स्तर से कोई मदद को नहीं पहुंचा है। विष्णु तिवारी बीस साल बाद जेल से रिहा होने के बाद वह कच्चे मकान में रहने को मजबूर है।
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निर्दोष साबित होने के बाद विष्णु तिवारी के घर सामाजिक संस्थाओं के लोग पहुंचने शुरू हो गए हैं, जो उसकी कपड़े, सामान व आर्थिक रूप से मदद कर रहे हैं। विष्णु तिवारी अपने भाइयों के परिवार के साथ खपरैलयुक्त कमरे में रह रहा है। उसका एक कमरा है, जो अब टूटी हुई दीवार के रूप में है। 
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