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प्रोफेसर ने छात्रा से कहा 'लगा लो आग'

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गुड़गांव में सेक्टर-14 राजकीय महिला महाविद्यालय में सोमवार को छात्रा के आत्मदाह करने के प्रयास में सनसनीखेज खुलासा हुआ है। पीड़िता ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि उसकी दोस्तों को कैमिस्ट्री लैब में बंद कर दिया गया था।
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उस पर भी कॉलेज प्रबंधन की तरफ से दबाव बनाया जा रहा था। जब वह पेट्रोल लेकर आई तो महिला प्रोफेसर ने उसे माचिस देकर उकसाया जिस पर उसने खुद को आग लगा ली। पीड़िता के परिजन भी इस बात को मान रहे है।

उनका आरोप है कि उनकी बेटी पर काफी दबाव बनाया जा रहा है। इसके लिए उन्होंने कॉलेज प्रबंधन को पूरी तरह जिम्मेदार ठहराया है। इस खुलासे के बाद पुलिस भी सकते में है। देररात ही सिविल लाइंस थाना पुलिस ने पीड़िता के बयान के आधार पर कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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बोतल में पेट्रोल पंप से पेट्रोल

अमर उजाला से विशेष बातचीत में पीड़िता के ताऊ सत्यपाल ने बताया कि शनिवार को कॉलेज में हुए हंगामे के बाद पिंकी को सोमवार को कॉलेज जाने से मना कर दिया था। जिसके बाद वह नहीं गई। सोमवार को उसने बताया कि यूनिवर्सिटी जाने के लिए उसे कुछ जरुरी फाइल कॉलेज लेने जाना है जिस पर सुबह वह कॉलेज के लिए निकल गई।

उन्होंने बताया कि सोमवार रात पिंकी ने पुलिस को भी बयान में यही बताया। जिसके बाद उसने कहा कि उसकी कई दोस्तों को कैमिस्ट्री लैब में बंद कर दिया गया था। जिन्हें बाहर निकालने के लिए वह गई तो उसे बाहर नहीं आने दिया।

बयान में उसने बताया कि कई महिला प्रोफेसरों ने मिलकर उस पर दबाव बनाया। उसे प्रताड़ित किया जिससे वह आहत हो गई। उसे आत्महत्या करने के लिए कहा। जिसके बाद वह बोतल लेकर पेट्रोल पंप पर गई और पेट्रोल लेकर भी आ गई। उसने कुछ पेट्रोल अपने ऊपर छिड़क लिया।

माचिस फेंककर आग लगाने के लिए कहा

उसके विरोध करने पर एक महिला प्रोफेसर ने उसे माचिस उसकी तरफ फेंककर आग लगाने के लिए कहा। जिसके बाद उसने आग लगा ली। आग लगने के बाद वह पार्किंग की तरफ भागते हुए आई तबतक उसके पूरे शरीर पर आग लग चुकी थी।

इस घटना के पीछे परिजनों ने कॉलेज प्रबंधन को पूरी तरह जिम्मेदार ठहराया है। उनका यह भी आरोप है कि पीड़िता को बयान बदलने का लेकर कॉलेज प्रबंधन की तरफ से काफी दबाव दिया जा रहा है। इसमें कई कॉलेज स्टाफ शामिल है।

सिविल लाइंस थाना पुलिस ने हालांकि किसी को नामजद नहीं किया है। लेकिन, कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ आईपीसी 306/511/342 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस पूरे वाकये के बाद कॉलेज प्रबंधन आरोपो के घेरे में आ गया है। जिस पर पुलिस ने भी जांच शुरू कर दी है।

भागते हुए आ रही थी छात्रा

वहीं, मंगलवार को फॉरेसिंक एक्सपर्ट की टीम दोबारा कॉलेज पहुंची। एक्सपर्ट ने पुलिस के साथ मिलकर घटनास्थल का दौरा करते हुए उन स्थानों को चिन्हित किया जहां से छात्रा भागते हुए आ रही थी।

बताया जा रहा है कि टीम को कई सबूत मिले है उन आधार पर पुलिस कॉलेज स्टाफ से पूछताछ कर रही है। इस मामले में कॉलेज की भूमिका पर उठ रहे सवालों को देखते हुए राज्य महिला आयोग भी सर्तक हो गया है। मंगलवार को राज्य महिला आयोग की सदस्या पूजा शर्मा पीड़िता से मिलने अस्पताल पहुंची।

उन्होंने पीड़िता से बातचीत की है। उन्होंने बताया कि इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया जा रहा है। कॉलेज में इतने बड़े हादसे को लेकर कॉलेज प्रबंधन की जिम्मेदारी भी तय हो रही है इसकी पूरी रिपोर्ट तैयार आयोग में भेजी जाएगी।

सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे
हादसे के बाद पीड़िता के बयान के बाद बदली स्थिति के बाद जिस तरह कॉलेज प्रबंधन सवालों के घेरे में खड़ा हो गया है। पुलिस ने भी जांच प्रक्रिया में बदलाव कर दिया है। बताया जा रहा है कि घटना के वक्त की पूरी स्थिति का जायजा लेने के लिए कॉलेज के लगे सीसीटीवी कैमरों की पुलिस मदद ले रहा है। जिसमें सोमवार सुबह हुए हादसे की फुटेज खंगाली जा रही है। इसके लिए कॉलेज प्रिंसिपल से पुलिस ने सारा डाटा मांगा है।
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उठे सवाल

-कॉलेज प्रबंधन ने छात्राओं को सोमवार को एमडीयू ले जाने का आश्वासन दिया था। लेकिन, सोमवार को एमडीयू में हड़ताल की बात कहते हुए उन्हें मना कर दिया गया। जबकि, परीक्षा नियंत्रक से खुद हड़ताल की बात को नकार दिया।
-सोमवार को कैमिस्ट्री लैब में छात्राओं को आखिर क्यों बंद किया गया? जबकि कॉलेज स्टाफ ने ही उन्हें यूनिवर्सिटी ले जाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर सहमति जाहिर की थी।
-आरोप है कि पिंकी के आने पर किसी महिला प्रोफेसर ने प्रताड़ित किया। उसे आत्महत्या कर लेने के लिए कहा।
-पिंकी के कॉलेज से पेट्रोल पंप जाने और आने तक की फुटेज सीसीटीवी में कैद होगी। कॉलेज उसे आखिर क्यों छिपा रहा है?
-पेट्रोल छिड़ककर पिंकी के आत्महत्या की धमकी देने पर आखिर महिला प्रोफेसर को उसे माचिस देने की नौबत कैसे आ गई?
-सोमवार को हुए जबरदस्त बवाल में भी कॉलेज स्टाफ आखिर इस पर चुप्पी साधे क्यों बैठा रहा?

पुलिस आयुक्त आलोक मित्तल ने कहा कि पिंकी के बयान के आधार पर पुलिस ने कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। अपने बयान में उसने कई छात्राओं के कैमिस्ट्री लैब में बंद करने की बात भी कही है। इस आधार पर पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
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