नई दिल्ली के राजीव चौक मेट्रो स्टेशन पर तीन अफ्रीकी नागरिकों की पिटाई में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है।
पुलिस का कहना है कि तीनों ही आरोपियों ने खुद पर हुए हमले से इतना डरे हुए हैं कि उन्हें डर है कि अगर उन्होंने किसी की भी पहचान की तो उन पर फिर से हमला हो सकता है।
इन नागरिकों ने पुलिस के सामने किसी को भी पहचानने से इनकार करते हुए कहा कि उन्हें डर है कि अगर उन्होंने लोगों की पहचान की तो उन्हें नुकसान पहुंचाया जा सकता है।
इस मामले में पुलिस का कहना है कि भीड़ ने इन्हें नाइजीरियन नागरिक समझ लिया जबकि, इनमें से दो युवक अफ्रीकी देश गाबो और एक युवक बुर्किनाफासो का है।
इस घटना के संबंध में पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ उत्पात मचाने और पुलिस बुथ को नुकसान पहुंचाने का केस दर्ज किया है। पुलिस मेट्रो स्टेशन पर लगे सीसीटीवी फुटेज की मदद से हमलावरों को पहचानने की कोशिश कर रही है।
चलती ट्रेन में हुआ हमला
गौरतलब है कि हमले में घायल तीनों ही युवक स्टूडेंट वीजा पर भारत आए हैं और ग्रेटर नोएडा के एक कॉलेज से एमबीए कर रहे हैं।
गत रविवार को यह तीनों युवक अपने दोस्त से मिलकर वसंत कुंज से ग्रेटर नाएडा वापस जा रहे थे। इसी दौरान मेट्रो में ही कुछ लोगों से उनकी झड़प हुई और मामला इतना बढ़ा कि भीड़ ने उनपर हमला कर दिया।
जिस वक्त इन तीनों विदेशी युवकों पर हमला हुआ ये हुडा सिटी सेंटर से जहांगीर पुरी की ओर जाने वाली येलो लाइन की मेट्रो में सवार थे।
हमलावरों ने न सिर्फ ट्रेन के अंदर उनपर हमला किया बल्कि, बाहर निकलने पर राजीव चौक मेट्रो स्टेशन पर भी उनसे मारपीट की।
पुलिस भी नहीं कर सकी सुरक्षा
राजीव चौक मेट्रो स्टेशन पर भीड़ द्वारा युवकों की पिटाई और अव्यवस्था की स्थिती पर पुलिस ने तुरंत कार्यवाई की और तीनों ही युवकों को भीड़ से बचाकर राजीव चौक मेट्रो स्टेशन पर बने पुलिस बुथ ले आई।
उग्र भीड़ ने इस दौरान भी युवकों का पीछा किया और उन्हें पीटने की कोशिश की। इतना ही नहीं भीड़ ने इनपर हमला करने की कोशिश की और पुलिस बूथ को भी नुकसान पहुंचाया।
भीड़ के हमले से घबराए तीनों विदेशी युवक अपने बचाव के लिए पुलिस बूथ की छत पर चढ़ गए। हालांकि हालात बेकाबू होता देख सीआईएसएफ को बुलाना पड़ा।
इसके बाद ही तीनों युवकों को राम मनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उसी दिन तीनों को छुट्टी मिल गई।