रक्षा बंधन के त्योहार पर जिस वक्त देश भर में बहनें भाइयों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांध रहीं थीं तब गाजियाबाद के संयुक्त अस्पताल में तैनात डॉक्टर ऋचा त्रिपाठी कोविड़ मरीजों के इलाज में जुटी थीं। रक्षा बंधन के दिन ही डॉक्टर ऋचा ने पंद्रह कोरोना संक्रमित मरीज भर्ती किए।
उनके एक भाई गोरखपुर में और दूसरे औरंगाबाद में हैं। भावुक हुईं ऋचा ने कहा कि कोरोना मरीजों का जीवन बचाने की जंग में उन्होंने जो दायित्व निभाया है वह उनके भाइयों के लिए रक्षा सूत्र का ही काम करेगा।
पैथॉलाजिस्ट डॉ. ऋचा त्रिपाठी गाजियाबाद के संयुक्त अस्पताल में कार्यरत हैं। चार महीने पहले संयुक्त अस्पताल को कोविड लेवल-2 में बदला गया तो अधिकांश महिला डॉक्टरों ने छुट्टी की अर्जी लगा दी, लेकिन डॉ. ऋचा ने मरीजों के इलाज करने की सहमति दे दी। वह शुरू से ही कोरोना पॉजिटिव मरीजों का इलाज करने में जुटी हैं।
डॉ.ऋचा ने बताया कि उनके बड़े भाई गोरखपुर में इंजीनियर हैं जबकि छोटा भाई औरंगाबाद में एमबीबीएस करने के बाद इंटर्नशिप कर रहा है। इस रक्षाबंधन पर दोनों भाइयों से न मुलाकात हुई और न ही राखी बांधने का मौका मिला।