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बैंकों का खाली होने लगा है खजाना: जरूरत के मुकाबले केवल 12.19 फीसदी हो रही पूर्ति

Thu, 24 Nov 2016 12:16 AM IST
शाहनवाज आलम/अमर उजाला, गुरुग्राम 
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- फोटो : अमर उजाला
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केंद्र सरकार द्वारा 500 और 1000 रुपये की नोटबंदी के बाद अब बैंकों का खजाना खाली हो रहा है। बीते चार दिनों में मांग के बदले 10 फीसदी नोट की पूर्ति में कमी होने से सभी बैंकों का अर्थशास्त्र बिगड़ने लगा है। बैंकों के पास लोगों को पैसे अदला-बदली करने और देने के लिए पैसे नहीं बचे हैं।
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कई शाखाओं के बाहर नो-कैश का नोटिस चस्पा दिया गया है। जिले के 715 बैंक शाखाओं की जरूरत के मुकाबले केवल 12.19 फीसदी रकम की पूर्ति हो रही है। जबकि बीते शुक्रवार को यह पूर्ति 22 फीसदी हो रही थी।

साइबर सिटी में 44 राष्ट्रीय और निजी बैंकों की 715 शाखाएं हैं। मौजूदा हालत में इन बैंकों को 4528 करोड़ रुपये रोजाना जरूरत है, लेकिन इसके मुकाबले 552 करोड़ रुपये की पूर्ति हो रही थी।
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जबकि बीते शुक्रवार तक जिले के बैंकों को रोजाना 976 करोड़ रुपये की आपूर्ति हो रही थी। बैंक अधिकारियों के मुताबिक नए नोट नहीं आने के कारण मांग और आपूर्ति में भारी कमी आ गई है।

गुरुग्राम में छह बैंक एचडीएफसी बैंक, भारतीय स्टेट बैंक, ओरियंटल बैंक ऑफ कॉमर्स, पंजाब नेशनल बैंक, कॉरपोरेशन बैंक और सर्व हरियाणा ग्रामीण बैंक के करेंसी चेस्ट गुरुग्राम में हैं, लेकिन उनके पास भी नए नोटों की मांग और आपूर्ति मेें भारी कमी है।
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कुछ बैंकों के प्रतिदिन की मांग व आपूर्ति पर एक नजर

बता दें कि जिले के सभी बैंकों में 8213 करोड़ रुपये रखने की क्षमता है। नए नोट की आपूर्ति की कमी के कारण सर्व हरियाणा ग्रामीण बैंक की हालत सबसे अधिक खराब हो गई है। जिले के 56 शाखाओं के लिए केवल 2.5 करोड़ रुपये दिया जा रहा है।

जिला अग्रणी बैंक के मैनेजर आरसी नायक कहते हैं बैंकों में मांग की अनुसार नए नोट की आपूर्ति में कमी है। इसके लिए लगातार बैंकों के संपर्क में है और आरबीआई से बातचीत जारी है। बुधवार को भी एक पत्र भेजा गया है। 

बैंक -------------------------------मांग---------------------आपूर्ति 
एचडीएफसी बैंक -------------160 करोड़-------------42 करोड़
एसबीआई---------------------200 करोड़-------------14 करोड़
ओबीसी बैंक-----------------100 करोड़--------------11 करोड़
पीएनबी----------------------100 करोड़---------------05 करोड़
कॉरपोरेशन बैंक------------100 करोड़---------------03 करोड़
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