सामाजिक सुरक्षा और न्यूनतम मजदूरी की मांग के लिए आज से श्रमिक संगठनों की देशव्यापी हड़ताल में दिल्ली की कुछ ट्रांसपोर्ट एवं टैक्सी यूनियनें भी शामिल हो रही हैं। हड़ताल के तहत आज एआईसीसीटीयू के सदस्य पूर्वी दिल्ली के पटपड़गंज इंडिस्ट्रियल एरिया में प्रदर्शन कर रहे हैं। वह कई तरह के नारे लगा रहे हैं। इनमें प्रमुख है- न मोदी न योगी न जय श्रीराम देश पर राज करेगा मजदूर-किसान।
हड़ताल के दौरान दिल्ली की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था प्रभावित होने के आसार हैं। हड़ताल में ओला और उबर चालकों के भी शामिल होने की संभावना है। इससे दिल्ली-एनसीआर में कैब सेवाएं भी प्रभावित हो सकती हैं।
दिल्ली समेत देश के अन्य हिस्सों में मंगलवार और बुधवार को सीटू के बैनर तले होने वाली श्रमिकों की हड़ताल में राजधानी परिवहन पंचायत, ऑटो टैक्सी यूनियन, चालक शक्ति यूनियन और ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस आदि शामिल हो रही हैं। चालकों की मांग है कि उन्हें 24 हजार रुपये न्यूनतम मजदूरी दी जाए।
यूनियनों की मांग है कि चालक मजदूरी को लेकर सरकारी नीति में बदलाव किया जाए, ताकि चालकों की आर्थिक स्थिति में सुधार हो। यूनियनों का कहना है कि चालकों को किसी भी श्रम कानून के दायरे में नहीं रखा गया है। इससे वे सभी सुविधाओं से वंचित हैं।
इस हड़ताल में दिल्ली-एनसीआर के ओला-उबर और अन्य कैब कंपनियों के चालक भी शामिल हो सकते हैं। हड़ताल में डीटीसी के अस्थायी कर्मचारियों ने भी शामिल होने की घोषणा की है।
कैब और डीटीसी चालक इस हड़ताल में शामिल होते हैं तो मंगलवार और बुधवार को दिल्ली की सड़कों पर लोगों को बसों और टैक्सियों के लिए परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि, दिल्ली की कुछ यूनियनों ने इस हड़ताल से दूरी बनाए रखने की बात कही है।