कुछ वर्ष पहले दिल्ली के जंतर मंतर पर प्रदर्शन करने और पुलिस के साथ झड़प के आरोप के मामले में सुनवाई करते हुए सोमवार को जिला कोर्ट ने भाजपा के पांच नेताओं को बेकसूर करार दिया। जबकि अन्य दो नेताओं को कोर्ट कुछ ही दिन पहले आरोप मुक्त कर चुकी है। इनमें विधानसभा में नेता विपक्ष विजेंद्र गुप्ता, सरदार आरपी सिंह, सांसद प्रवेश वर्मा, पवन शर्मा एवं अधिवक्ता राजेश्वर नागपाल के अलावा दक्षिणी दिल्ली नगर निगम की नेता सदन शिखा राय और नेता महेंद्र गुप्ता शामिल हैं।
विजेंद्र गुप्ता ने कोर्ट से मिली राहत पर खुशी जाहिर करते हुए तत्कालीन मुख्यमंत्री शीला दीक्षित एवं उनकी सरकार पर मनमाने और झूठे मुकदमे दर्ज कराने के आरोप लगाए। उन्होंने बताया कि वर्ष 2010 से 2013 के बीच वे बतौर दिल्ली भाजपा अध्यक्ष थे। उस वक्त बिजली-पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं को लेकर पार्टी की ओर से बड़ा प्रदर्शन किया गया था।
इस दौरान पुलिस के साथ मारपीट करने और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के झूठे केस उन पर लगाए गए। इन्हीं आरोपों को अब कोर्ट ने बेबुनियाद बताते हुए सभी को आरोप मुक्त कर दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा ही झूठ का सहारा लिया है।