500 व हजार का नोट बंद करने के आदेश के बाद एकाएक बेरोजगार हुए शहर के दिहाड़ी मजदूरों को नया रोजगार मिल गया है। बिना मेहनत के पूरी दिहाड़ी मिलने के इस नए रोजगार से शहर के लेबर चौक पर मजदूर नहीं मिल रहे है।
यह रोजगार है लाइन में खड़े होकर नोट बदलवाने का। इसके लिए बकायदा उन्हें प्रति चार हजार रुपए पर 10 प्रतिशत तक कमीशन मिल रहा है। ऐसे में मजदूर भी लाइनों में चार-छह घंटे खड़े रहकर ही आराम से पूरे दिन की दिहाड़ी कमा रहे हैं।
दरअसल शहर में कई बड़े उद्यमियों कारोबारियों ने अपने घरों में पड़े बेहिसाब काले धन को सफेद करने का नया तरीका ढूंढ लिया है। इसी के चलते मजदूरों को यह नया काम मिला है। स्थिति यह है कि प्रत्येक बैंक के बाहर 200 की भीड़ में करीब 50 से 60 फीसद दिहाड़ी मजदूरों को खड़ा किया जा रहा है।
ऐसे में अंबेडकर चौक, प्रेस कॉलोनी, सेक्टर 14, बडख़ल चौक हाईवे और सेक्टर 37 के लेबर चौक पर मजदूर नहीं मिल रहे है। रविवार को भी शहर के बैंकों में जबरदस्त भीड़ रही। जिनमें अधिकांश लोग दिहाड़ी मजदूरी करने वाला तबका दिखाई दिया। जानकारी के अनुसार शहर के बड़े व्यापारी और कारोबारी अपने बड़े नोटों को खपाने की कवायद में जुटे हैं।