हजार और पांच सौ रुपये के नोट बंद होने से आई तंगी से लोगों के घर के चूल्हे जलने तक बंद हो गए हैं। छोटे नोट न होने के कारण राशन भी मिलना बंद हो गया है और दुकानदारों ने उधार देना भी बंद कर दिया है।
इससे लोगों के घरों में खाने के लाले भी पड़ गए है और परिवार के लोग चने और चिलवा खिलाकर बच्चों का पेट भर रहे हैं। इसी तरह की हालत छात्र-छात्राओं की हो गई है। जो कॉलेज के हॉस्टल में नहीं रहकर बाहर सेक्टरों में रह रहे हैं उनको भी खाने के लाले पड़ गए हैं।
अमर उजाला ने शहर के बैंकों पर लाइन में खडे़ लोगों से बातचीत की तो उनका दर्द उभर कर आंखों से पानी के रूप में झलक गया तो किसी ने गुस्सा निकालकर दर्द को बया किया।