पार्टी की ओर से राज्यसभा ना भेजे जाने पर कुमार विश्वास का दर्द पत्रकारों के सामने छलका। उन्होंने कहा कि देश से लेकर पार्टी में चल रही गड़बड़ी जैसे मुद्दे जब मैंने उठाए उसकी मुझे सजा मिली है। मैं इसे एक कवि के रूप में, एक क्रांतिकारी के रूप में अपनी जीत मानता हूं।
विश्वास ने बातों-बातों में ये भी जता दिया कि वो केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और पार्टी से कितने समय से जुड़े हैं और उन्होंने पार्टी के लिए क्या किया है। इसके लिए उन्होंने सुशील गुप्ता का सहारा लिया।
विश्वास ने कहा, मनीष सिसोदिया के साथ 40 साल से, केजरीवाल के साथ 12 साल से और पार्टी के साथ 7 साल से काम करने वाले, हर विधायक की रैली में शामिल होने वाले और कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ाने वाले सुशील गुप्ता को आंदोलनकारियों की आवाज राज्यसभा में पहुंचाने के लिए केजरीवाल ने चुना है इसके लिए मैं उन्हें बधाई देना चाहता हूं।
कुमार विश्वास ने केजरीवाल की एक बात का भी उल्लेख किया और ये बताने की भी कोशिश की कि आज जो हुआ है उसकी तैयारी पिछले साल ही हो चुकी थी। कुमार विश्वास ने बताया कि अरविंद ने मुझे मुस्कुराते हुए कहा था कि सरजी आपको मारेंगे पर शहीद नहीं होने देंगे। मैं उनको बधाई देता हूं और अपनी शहादत स्वीकार करता हूं।
बता दें कि यह आप के नेशनल एक्जिक्यूटिव की बैठक की बात है जो पिछले साल अरविंद केजरीवाल ने अपने घर में की थी। यह मीटिंग कुमार विश्वास के 'वी द नेशन, बोल्ड एंड स्ट्रेट फॉरवर्ड' वीडियो के पोस्ट होने के बाद की गई थी। दरअसल इस वीडियो में जहां कुमार विश्वास ने सर्जिकल स्ट्राइक की तारीफ की थी तो केजरीवाल पर सवाल भी उठाए थे।
इस वीडियो में बिना केजरीवाल का नाम लिए विश्वास ने कहा था कि अगर आप भ्रष्टाचार को मुद्दा बनाकर सरकार बनाते हैं और इससे मुक्ति का भरोसा दिलाते हैं और फिर अपने ही लोगों के भ्रष्टाचार पर मौन साध लेते हैं तो लोग आपसे सवाल पूछेंगे।
कहा जाता है कि इसी के बाद से केजरीवाल विश्वास से काफी नाराज थे और उन्हें साइडलाइन करने का मन बना लिया था। लेकिन वह प्रशांत भूषण और योगेंद्र यादव के समय जैसे पार्टी की बदनामी हुई वैसा नहीं होने देना चाहते थे।
कहा जाता है कि उसी वक्त केजरीवाल ने कुमार विश्वास से कहा था कि 'सरजी हम आपको मारेंगे लेकिन शहीद नहीं होने देंगे।'
विश्वास ने अपना दर्द जाहिर करते हुए कहा, ‘मैं जानता हूं आपकी (केजरीवाल) इच्छा के बिना हमारे दल में कुछ नहीं होता। आपसे असहमत रह कर वहां जीवित रहना मुश्किल है। मैं पार्टी, आंदोलन का हिस्सा हूं तो ये अनुरोध करता हूं कि शहीद तो कर दिया पर इस शव से छेड़छाड़ न करें।’ क्योंकि युद्ध का भी एक नियम होता। शहादत तो ले ली लेकिन दुर्गंध ना फैलने दें।
वहीं कुमार विश्वास ने राज्यसभा के लिए नामित नारायणदास गुप्ता और सुशील गुप्ता पर ताना मारा। उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल जी ने जिन क्रांतिकारियों को राज्यसभा लिए चुना है उसके लिए उनको बधाई।