फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

घूस के आरोपों पर केजरीवाल को मिला विश्वास का 'विश्वास', कहीं इसके मायने सियासी तो नहीं?

Mon, 08 May 2017 09:37 AM IST
संतोष कुमार/अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
सिसोदिया-केजरीवाल-विश्वास। - फोटो : फाइल फोटो
विज्ञापन
दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री कपिल मिश्रा के करीबी माने जाने वाले वरिष्ठ नेता कुमार विश्वास का मिश्रा के सनसनीखेज आरोपों पर विश्वास नहीं है। मिश्रा के आरोपों पर विश्वास को यकीन नहीं है कि अरविंद केजरीवाल रिश्वत ले सकते हैं। हालंकि, विश्वास का कहना है कि मिश्रा के पास अगर सबूत हैं तो उसे सार्वजनिक करना चाहिये। 
विज्ञापन


वहीं, बीते दिनों विश्वास के घर पर साथ बैठने वाले दूसरे विधायक भी मिश्रा के आरोपों को सही नहीं मान रहे हैं। इससे सियासी हलके में मिश्रा के अलग-थलग पड़ने की बात चल रही है। लेकिन माना यह भी जा रहा है कि विश्वास ने रणनीतिक तौर पर मिश्रा के आरोपों से किनारा कर लिया हो।      

आप नेता कुमार विश्वास ने कहा कि केजरीवाल 12 साल पुराने दोस्त हैं। उनके घोर विरोधी भी यह सोच नहीं सकते कि वह रिश्वतखोरी करेंगे। हालांकि, कुमार विश्वास ने इस दौरान केजरीवाल की पुरानी बात दोहराई जिसमें वह कहते थे कि यदि सिसोदिया भ्रष्टाचार करें तो सब मिलकर उन्हें बाहर निकाल देंगे और यदि वह खुद भ्रष्टाचार करें तो उन्हें बाहर निकाला जाये। कुमार विश्वास ने कहा कि अगर कपिल मिश्रा को कोई सबूत हैं तो उसे पेश करना चाहिये।  
विज्ञापन

    
कुमार विश्वास ने बताया कि सत्येंद्र जैन से कहा गया है कि वह पीएसी में दस्तावेजों के साथ और सबके सामने सच रखें। मीडिया में राजनीतिक अजेंडे पर बात हो सकती है, लेकिन निजी आरोपों पर बात नहीं हो सकती। कपिल हों या अमानतुल्लाह खान, किसी को भी मीडिया से पहले पार्टी फोरम पर अपनी बात रखनी चाहिए थी।      

उधर, विश्वास का बयान आने के बाद कपिल मिश्रा ने कहा कि अगले दस दिनों में जब सत्येंद्र जैन जेल जाएंगे तो सबको यकीन भी जायेगा। हालांकि, कुमार विश्वास के बयान के सिसायी मतलब भी निकाले जा रहे हैं। एक तरफ वह केजरीवाल को अपने उस पुराने बयान की याद दिला रहे हैं, जिसमें भ्रष्टाचार के आरोप में फंसने पर उन्होंने खुद को पार्टी से निकालने की बात कही थी। 

कपिल मिश्रा अगर कोई प्रमाण पेश करते हैं तो वह मजबूती से पार्टी के अंदर व बाहर अपनी बात रख सकेंगे। वहीं, इससे वह पार्टी फोरम पर सत्येन्द्र जैन पर लग रहे आरोपों को वह जोर-शोर से उठा सकेंगे। इसके अलावा सबसे अहम यह कि इससे कार्यकर्ताओं में संदेश जायेगा कि मुश्किल वक्त में उन्होंने केजरीवाल का साथ नहीं छोड़ा।
विज्ञापन

स्वराज इंडिया ने मांगा ठोस प्रमाण

योगेंद्र यादव - फोटो : अमर उजाला
कभी अरविंद केजरीवाल के सहयोगी रहे योगेंद्र यादव ने आरोपों पर ठोस सबूत मांगा है। स्वराज इंडिया अध्यक्ष योगेंद्र यादव का कहना है कि मैं केजरीवाल के खिलाफ सत्तालोलुपता, अहंकार व निरंकुशता जैसे आरोपों को मान सकता है। लेकिन भ्रष्टाचार के आरोप के लिये ज्यादा सबूत की जरूरत है। वहीं, आप प्रवक्ता अनुपम ने कहा कि केजरीवाल में अब रत्ती भर भी आदर्श व नैतिक ताकत नहीं बची है कि वह कार्यकर्ताओं को एकजुट कर सकें। केजरीवाल के खिलाफ लगे आरोपों की स्वतंत्र जांच होनी चाहिये।      
  
कपिल मिश्रा के आरोपों पर बचाव में उतरे आप के सभी नेताओं ने कोई तार्किक जवाब नहीं दिया। सभी ने केजरीवाल की ईमानदार छवि के सहारे आरोपों को हवा में उड़ाने की कोशिश की। पहली बार आप के शीर्ष नेतृत्व पर पार्टी के ही वरिष्ठ नेता की तरफ से उठाये गये सवालों को मनीष सिसोदिया ने बेहद हल्के अंदाज में लिया। 

सिसोदिया ने इतना भर कहा कि कपिल के आरोपों पर क्या बात की जाये। इसे पर कोई यकीन नहीं कर सकता। इसके बाद संजय सिंह, कुमार विश्वास, दिलीप पांडेय समेत सभी नेता इसी दावे के सहारे अपनी बात रखते दिखे। दिलचस्प यह कि किसी ने कपिल मिश्रा पर भ्रष्टाचार का आरोप नहीं मढ़ा। सिर्फ उनकी प्रदर्शन को आधार बनाकर मंत्री पद से हटाने की बात की।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें