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विश्वास ने सामने रखा अपना एजेंडा, AAP के पोस्टर से गायब रहेंगे केजरीवाल

Sun, 11 Jun 2017 02:05 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
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कुमार व‌िश्वास - फोटो : अमर उजाला
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आम आदमी पार्टी (आप) राजस्थान इकाई का प्रभार मिलने के बाद प्रदेश पदाधिकारियों के साथ पहली बैठक में वरिष्ठ नेता कुमार विश्वास ने आप की जगह अपना एजेंडा सामने रखा है।
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डीडीयू मार्ग स्थित पार्टी दफ्तर में शनिवार को आप के पंजाब मॉडल को सिरे से खारिज करते हुए विश्वास ने दो-टूक शब्दों में कहा कि राजस्थान में दिल्ली के नेताओं का वर्चस्व नहीं होगा। वहीं, किसी की भी गणेश परिक्रमा या चापलूसी नहीं चलेगी।

विश्वास ने कहा कि बड़ी रैलियों को छोड़कर पार्टी के संगठनात्मक कार्यक्रमों, सोशल मीडिया समेत दूसरे सभी पार्टी के आधिकारिक माध्यमों पर दिल्ली के किसी नेता की तस्वीर नहीं लगेगी।
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दिल्ली या देश से अगर कोई नेता राजस्थान जाएगा तो उसका खर्च वह खुद उठाएगा। इस दौरान वह न तो होटल में ठहरेगा, न ही फार्म हाउस पर। बाहर से राजस्थान गए नेताओं को पार्टी कार्यकर्ताओं के यहां या दफ्तर में ठहरना होगा।
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राजस्थान में नहीं होंगे निजी हमले

कुमार व‌िश्वास - फोटो : अमर उजाला
दरअसल, विधायक अमानतुल्लाह खान से विवाद से नाराज विश्वास को पिछले दिनों मनीष सिसोदिया की जगह राजस्थान का प्रभारी बना दिया था। इसके बाद विश्वास ने राजस्थान के पदाधिकारियों के साथ शनिवार को करीब पांच घंटे की मैराथन बैठक की।

इस दौरान विधायक नितिन त्यागी उनके साथ थे जबकि मनीष सिसोदिया ने भी थोड़ी देर के लिए बैठक में शिकरत की। आप के शीर्ष नेतृत्व को कटघरे में खड़ा करते हुए विश्वास ने कहा कि पिछले सात चुनावों में पांच में आप हारी है। इसकी बड़ी जिम्मेदारी नेताओं की है। इससे कार्यकर्ता भी निराश हैं।

राजस्थान में नहीं होंगे निजी हमले
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल समेत पूरी पार्टी बेशक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व भाजपा-कांग्रेस नेताओं पर लगातार निजी तौर पर हमलावर रही हो। लेकिन विश्वास की राजस्थान पदाधिकारियों को सख्त हिदायत है कि राजस्थान का चुनाव महारानी बनाम आम लोग पर नहीं लड़ा जाएगा। किसी भी विपक्षी नेता पर निजी हमला नहीं होगा। इसकी जगह पूरा कैंपेन सकारात्मक तरीके से लड़ा जाएगा। इसके केंद्र में राज्य से जुड़े जमीनी मुद्दे होंगे।

नये सिरे से होगा संगठन निर्माण
कुमार विश्वास ने कहा कि मौजूदा संगठन में फेरबदल किया जाएगा। सभी पदों को खत्म कर समन्वय कमेटियां बनाईं जाएंगी। इसके बाद ग्रास रूट स्तर तक कार्यकर्ताओं को जोड़ने का काम होगा, जिसके साथ ज्यादा लोग होंगे वहीं नेतृत्व संभालेगा। विश्वास ने कहा कि छह महीने में संगठन का काम पूरा होगा।

दलबदलू नेताओं को टिकट नहीं
विश्वास ने बताया कि बेहतर नेताओं का पार्टी में स्वागत होगा लेकिन टिकट उसी को मिलेगा जो एक साल से पार्टी का सदस्य हो। किसी को इस आधार पर चुनाव नहीं लड़ाया जायेगा कि उसमें विजयी होने की ज्यादा संभावना है। किसी भी मामले की डबल रिपोर्टिंग नहीं चलेगी।
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