आम आदमी पार्टी (आप) के वरिष्ठ नेता कुमार विश्वास के बागी तेवर एक बार फिर दिखने लगे हैं। लोकसभा चुनाव में करारी हार के बाद से ही कुमार विश्वास के 'आप' से दूर होने की चर्चा सामने आती रही है।
पार्टी के अंदर फैसलों को लेकर कुमार विश्वास ने एक बार फिर कड़ा रुख दिखाया है। उन्होंने कहा है कि अरविंद केजरीवाल उनके बॉस नहीं हैं। अपने निजी फैसलों के लिए वह स्वतंत्र हैं। जिस दिन महसूस हुआ कि आप में बॉस कल्चर हावी हो रहा है तो वह पार्टी छोड़ने वाले पहले व्यक्ति होंगे।
आप नेता का कहना है कि पार्टी एक आंदोलन है। इससे जुड़ाव इसलिए है कि लड़ाई आम आदमी के लिए लड़ी जा रही है। विश्वास बिग बॉस में रहें या बाहर, आम आदमी के हक में बात करते रहेंगे।
बता दें कि कुमार विश्वास को रियलिटी शो बिग बॉस में प्रतिभागी बनने का ऑफर मिला है जिसके लिए उन्होंने अपनी शर्त रखी है।
क्या केजरी से दूर हो रहे हैं कुमार?
मैं पार्टी से जुड़ा हूं और इसके संयोजक अरविंद केजरीवाल हैं। लेकिन केजरीवाल हमारे बॉस नहीं हैं। अपने निजी फैसलों की जिम्मेदारी हमारी है। पार्टी में बॉस कल्चर नहीं है। जिस दिन महसूस हुआ कि पार्टी व्यक्ति विशेष की हो गई है, पार्टी छोड़ दूंगा।
दूसरी तरफ कलर्स के रियलिटी शो बिग बॉस का हिस्सा बनने के बारे में विश्वास ने बताया कि शो निर्माता कंपनी के सीईओ को एक चिट्ठी भेजी है। इसमें मैंने कहा है कि शो से मिलने वाली सारी राशि वह शहीद विधवा कल्याण कोष में दान दूंगा।
शर्त यही है कि बिग बॉस की तरफ से इसमें इतनी राशि डाल दी जाए कि यह 21 करोड़ रुपये हो जाए। शर्त पूरी होने पर वह बिग बॉस के घर में कैद होने को तैयार हैं। प्रस्ताव पर चैनल के जवाब के बारे में विश्वास ने बताया कि मंगलवार को ही उन्होंने चैनल को प्रस्ताव भेजा है। हालांकि अब तक इस मामले में चैनल की ओर से जवाब आना बाकी है।
जब कुमार विश्वास के बयान से मची खलबली
इसके पहले आप नेता कुमार विश्वास ने अपने उस बयान से खलबली मचा दी थी जिसमें उन्होंने भाजपा के एक सांसद पर दिल्ली के सीएम बनने के लिए ऑफर देने का आरोप लगाया था।
कुमार ने कहा था कि उनके मित्र और दिल्ली से भाजपा के सांसद ने 19 मई को उनके घर पर मुलाकात की थी और दिल्ली के सीएम बनने का ऑफर दिया था। साथ यह भी कहा था कि उनके साथ आप के 12 विधायक भी भाजपा में शामिल हो जाएंगे।
कुमार ने इन आरोपों के साथ यह भी कहा था कि उन्होंने भाजपा सांसद के प्रस्ताव को उसी वक्त ,खारिज कर दिया था। कुमार ने भाजपा पर पार्टी को तोड़ने का आरोप लगाया था। हालांकि कुमार विश्वास शुरूआत से ही इस बात को लेकर चर्चा में रहे हैं कि वह भाजपा में शामिल हो सकते हैं।
बता दें कि लोकसभा चुनाव में कुमार विश्वास ने अमेठी से चुनाव लड़ा था, जिसमें वह कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी से मुकाबले में बुरी तरह हार गए थे।