जामिया मिल्लिया इस्लामिया में अगले सत्र से कोरियन भाषा के सर्टिफिकेट कोर्स के रूप में पढ़ाई होगी। च्वाइस बेस्ट क्रेडिट सिस्टम (सीबीसीएस) के अंतर्गत यह कोर्स छात्रों को उपलब्ध कराया जाएगा।
इस कोर्स के माध्यम से भारत में कार्यरत दक्षिण कोरियाई कंपनी में छात्रों को रोजगार के अवसर प्राप्त करने में मदद मिलेगी। दक्षिण कोरिया के राजदूत चो ह्यून ने शुक्रवार को जामिया में भारत और दक्षिण कोरिया के बीच तालमेल: भारतीय छात्रों के लिए अवसर विषय पर व्याख्यान में यह घोषणा की।
उन्होंने कहा कि कोरिया भाषा का कोर्स जामिया के छात्रों के लिए फायदेमंद साबित होगा और भारत में मौजूद दक्षिण कोरिया की 500 कंपनियों में नौकरी पाने के अवसर प्राप्त होंगे। उन्होंने सैमसंग का उदाहरण देेते हुए कहा कि यहां आठ हजार कर्मचारी भारतीय हैं, जिसमें से एक हजार दक्षिण कोरिया में ही हैं। इस अवसर पर राजदूत ने छात्रों और फैकल्टी के सवालों के जवाब भी दिए।
जामिया के वाइस चांसलर प्रो. तलत अहमद ने कहा कि कोर्स शुरू होने से भारत-दक्षिण कोरिया के संबंधों को भी मजबूती मिलेगी। प्रो. अहमद ने कहा कि इस तरह के व्याख्यान आयोजित कराने के पीछे उद्देश्य छात्रों के ज्ञान को बढ़ाना है।