फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आतिशी से जुड़ी अनसुनी बातें: कौन हैं दिल्ली की नई सीएम के पति, क्या करते हैं काम? राजनीति से बनाकर रखते दूरी

Tue, 17 Sep 2024 04:29 PM IST
आकाश दुबे अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली

सार

आप नेता आतिशी के पति का नाम प्रवीण सिंह है। प्रवीण ने आईआईटी दिल्ली से पढ़ाई की है, साथ ही आईआईएम अहमदाबाद से पढ़े हैं। वे आमतौर पर राजनीति से दूर रहकर अपना काम करते हैं।
विज्ञापन
दिल्ली की नई सीएम आतिशी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

आम आदमी पार्टी (आप) के तमाम बड़े नेताओं को पीछे छोड़ आतिशी दिल्ली की नई मुख्यमंत्री होंगी। मंगलवार को पहले केजरीवाल के आवास पर विधायक दल की बैठक हुई। इस बैठक में आतिशी के नाम का प्रस्ताव केजरीवाल ने सभी विधायकों के सामने रखा। जिसका सभी विधायकों ने समर्थन किया। रेस में उनका नाम सबसे आगे भी चल रहा था। आतिशी पंजाबी परिवार से ताल्लुक रखती है। उनकी प्रारंभिक पढ़ाई दिल्ली में हुई है और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएट हैं। आइए जानते हैं आतिशी के पति प्रवीण सिंह से लेकर नई मुख्यमंत्री से जुड़ी कुछ अनसुनी बातों के बारे में-

विज्ञापन

आईआईटी दिल्ली से पढ़ें हैं नई सीएम के पति
आप नेता आतिशी के पति का नाम प्रवीण सिंह है। प्रवीण ने आईआईटी दिल्ली से पढ़ाई की है, साथ ही आईआईएम अहमदाबाद से पढ़े हैं। प्रवीण काफी पढ़े लिखे होने के साथ ही सुलझे हुए व्यक्ति हैं। वे आमतौर पर राजनीति से दूर रहकर अपना काम करते हैं। प्रवीण इतना ज्यादा लो-प्रोफाइल रहते हैं कि उनकी एक भी तस्वीर आपको सोशल मीडिया पर नहीं मिलेगी। हालांकि, कुछ साल पहले योगेंद्र यादव ने एक ट्वीट करके प्रवीण सिंह की तारीफ की थी। तब उन्होंने लिखा था-वह आतिशी के पति को अच्छी तरह जानते हैं। वह भी शानदार काम कर रहे हैं।

आतिशी और प्रवीण दोनों की मुलाकात दिल्ली में हुई। चूंकि दोनों की ही इच्छा गांव की दशा सुधारने और वहां ग्राम स्वराज के सिद्धांत में गांवों में जागरूकता लाने की थी। लिहाजा दोनों किसी कॉमन प्लेटफॉर्म पर मिले। फिर बातें जब आगे बढ़ीं तो दोनों ने एक दूसरे को पसंद करना शुरू किया, यह उनकी शादी की वजह भी बनी। आतिशी और प्रवीण सिंह की शादी कुछ साल पहले हुई।

आतिशी और उनके पति प्रवीण सिंह दोनों ग्राम स्वराज के पैरोकार रहे हैं। दोनों ने साथ में मिलकर मध्य प्रदेश में 2007 में एक कम्यून स्थापित किया ताकि गांधीजी के ग्राम स्वराज के सपने को साकार कर पाएं, ना केवल गांवों को मजबूत करें बल्कि वहां ऐसी शिक्षा दें जिसका व्यावहारिकता भी हो। दोनों ने जो कम्यून बनाया उसके पीछे गणेश भागरिया की यूनिवर्सल ह्यूमन वैल्यूज की फिलॉसफी भी थी। मध्य प्रदेश में अपने इस कम्युन को खोलने के बाद दोनों ने मिलकर खूब काम कर किया। इसके तहत ना केवल गांवों में शिक्षा पर काम किया बल्कि आर्गेनिक फार्मिंग के प्रोजेक्ट पर काम किया।

कौन हैं आतिशी
आम आदमी पार्टी में आतिशी ने तेजी से अपनी पहचान बनाई है। आम आदमी पार्टी अपने आठ साल के कार्यकाल में जिन उपलब्धियों को सबसे ज्यादा बार गिनाती रही है उनमें शिक्षा का क्षेत्र सबसे ऊपर है और इसका बहुत बड़ा श्रेय आतिशी को जाता है।  2013 में हुए विधानसभा चुनाव में उन्होंने पार्टी का मेनिफेस्टो तैयार करने में अहम भूमिका निभाई थी। 2014 लोकसभा चुनाव से पहले उन्हें प्रवक्ता बनाया गया था।


फिर साल 2019 में उन्होंने पूर्वी दिल्ली लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा। लेकिन भाजपा के गौतम गंभीर के सामने 4.77 लाख वोटों से हार गई थीं, वो तीसरे नंबर पर रहीं थीं।
इसके बाद साल 2020 में उन्होंने कालकाजी विधानसभा से चुनाव जीता। साल 2023 में पहली बार दिल्ली की केजरीवाल सरकार में मंत्री का पदभार संभाला। अब साल 2024 में दिल्ली के मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभालने जा रही हैं। 

आतिशी मध्य प्रदेश में सात साल जैविक खेती से जुड़ी रहीं
आतिशी ने मध्य प्रदेश के एक छोटे से गांव में सात साल बिताए थे, यहां वो जैविक खेती और प्रगतिशील शिक्षा प्रणालियों से जुड़ीं रहीं। उन्होंने वहां कई गैर-लाभकारी संगठनों के साथ भी काम किया था, यहां उनकी पहली बार आम आदमी पार्टी के कुछ सदस्यों से मुलाकात हुई थी, आतिशी आम आदमी पार्टी की स्थापना के समय से हैं। 
विज्ञापन

दिल्ली की शिक्षा क्रांति का महत्वपूर्ण चेहरा रहीं
आतिशी शुरू से ही दिल्ली की शिक्षा क्रांति का महत्वपूर्ण चेहरा रही हैं। यह सभी जानते हैं कि शिक्षा मंत्री के तौर पर मनीष सिसोदिया ने जो काम किए उसमें आतिशी ने उन्हें काफी सहयोग किया। आतिशी ही मनीष सिसोदिया की सलाहकार रही हैं और हर रणनीति उन्होंने ही बनाई है। लेकिन अप्रैल 2018 में उन्हें इस पद से हटा दिया गया था।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें