कत्याल को ईडी ने 11 नवंबर 2023 को धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के विभिन्न प्रावधानों के तहत गिरफ्तार किया था। जांच एजेंसी ने आरोप लगाया है कि कत्याल ने पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद की ओर से नौकरी के इच्छुक कई लोगों से जमीन खरीदी।
ईडी का दावा है कि कत्याल एके इंफोसिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड नामक कंपनी के निदेशक थे, जिसने लालू प्रसाद की ओर से उम्मीदवारों से जमीन खरीदी थी। इस मामले में लालू के परिवार के कुछ अन्य सदस्य भी आरोपी हैं। इससे पहले 22 मई को ट्रायल कोर्ट ने कत्याल की जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा था कि उन्हें राहत देने के लिए पर्याप्त आधार नहीं हैं।