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जानिए, आरोपी विधायकों की जमानत याचिका में दी गई कौन-कौन सी दलीलें

Sun, 25 Feb 2018 10:42 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
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मुख्य सचिव अंशु प्रकाश से मारपीट मामले में आरोपी विधायकों ने अब सेशन कोर्ट में जमानत याचिका दायर की है। तीस हजारी कोर्ट में सोमवार को इस याचिका पर सुनवाई होगी।

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फिलहाल गिरफ्तार दोनों विधायक अमानतुल्ला खां व प्रकाश जारवाल 14 दिन की न्यायिक हिरासत में मंडोली जेल में बंद हैं। मजिस्ट्रेट ने शुक्रवार को ही दोनों की जमानत याचिका खारिज की थी।

शनिवार को दायर याचिका में विधायकों के वकील बीएस जून ने कहा है कि पुलिस ने विधायकों को हिस्ट्रीशीटर बताया है जो सरासर गलत है। यह बेबुनियाद और झूठा आरोप है। इसके अलावा मुख्य सचिव ने कुछ लोगों के इशारे पर एक षड्यंत्र के तहत उन्हें फर्जी मामले में फंसाया गया है। उन्होंने सवाल उठाया कि मुख्य सचिव ने सीएम आवास से निकलने के तुरंत बाद अपने साथ की गई कथित मारपीट की सूचना 100 नंबर पर क्यों नहीं पुलिस को दी।

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उन्होंने कहा मुख्य सचिव पढ़े लिखे इंसान हैं, उन्हें कानून की पूरी जानकारी है कि अपने साथ कोई आपराधिक घटना होने के बाद पीसीआर कॉल की जाती है। इतना ही नहीं पुलिस ने मामले में 13 घंटे देरी से एफआईआर दर्ज की और 20 घंटे देरी से मेडिकल कराया है। मुख्य सचिव ने सिर में मुक्के मारने का आरोप लगाया है जबकि मेडिकल में होंठ पर चोट बताई गई है। 

इससे पहले शुक्रवार को तीस हजारी कोर्ट ने मामले में पुलिस की रिमांड व विधायकों की जमानत याचिका दोनों खारिज कर दी थी। मेट्रोपोलिटन मैजिट्रेट शैफाली बरनाला टंडन ने विधायकों की दलीलों पर असंतोष जताया था। जज ने कहा था कि फिलहाल केस की जांच आरंभिक स्थिति पर है ऐसे में अभी जमानत नहीं दी जा सकती। 

मालूम हो कि मुख्यमंत्री के सलाहकार वीके जैन अपने धारा 164 के तहत दिए बयानों में बताया है की उन्होंने सीएम व डिप्टी सीएम की मौजूदगी में दोनों विधायकों को सीएस की पिटाई करते देखा था। वहीं विधायकों ने जमानत मांगते हुए तर्क दिया था कि जैन ने पुलिस के दबाव में बयान दिए हैं, पुलिस की कहानी झूठी है।
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