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बदनाम बिल्डर: नेता नहीं बन सका तो बन गया संत

Tue, 04 Aug 2015 02:24 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा
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सचिन दत्ता से सच्चिदानंद गिरि बने महामंडलेश्वर के फर्जीवाड़े की परतें अब धीरे-धीरे खुल रही हैं। 2013 में ग्रेटर नोएडा वेस्ट में सचिन दत्ता ने बाला जी अवंति रेजीडेंसियल एंड कामर्शियल प्रोजेक्ट लांच किया था।
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यहां उसने कई लोगों को फ्लैट व अन्य प्रॉपर्टी का सपना दिखाया और बुकिंग एडवांस के रूप में लोगों से रुपये ऐंठ लिए। बाद में खरीदारों को पता चला कि वहां बाला जी कोई प्रोजेक्ट ही नहीं ला रहा है।

सचिन दत्ता के फर्जीवाड़े का शिकार एक शख्स ने सोमवार को एसएसपी कार्यालय पहुंचा। उसने धोखाधड़ी की लिखित शिकायत देकर रिपोर्ट दर्ज करने की मांग की है।

सेक्टर-18 स्थित सीएसएम मॉल में बार एंड डिस्कोथेक चलाने वाला सचिन दत्ता का श्रीबाला जी हाईटेक कंस्ट्रक्शन लिमिटेड के नाम से फर्म है।  पीड़ित प्रमोद कुमार ने बताया कि वह पंजाब स्थित एक प्राइवेट कंपनी में डिप्टी मैनेजर है।
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श्री बाला जी प्रोजेक्ट के नाम पर ठगी

2013 में वह दिल्ली स्थित एक कंपनी में थे और उन्होंने श्रीबाला जी का प्रचार देखा था। उसी के आधार पर वह कंपनी के सेक्टर-63 स्थित ऑफिस पहुंच कर दत्ता से मिले और उन्होंने ग्रेटर नोएडा वाले प्रोजेक्ट में एक फ्लैट बुक करा लिया।

एडवांस के रूप में प्रमोद कुमार ने चेक के जरिये 2.12 लाख कंपनी के खाते में जमा कराए। कुछ दिन बात पता चला कि वहां पर श्री बाला जी का कोई प्रोजेक्ट ही नहीं लांच हो रहा।

उसके बाद से प्रमोद कुमार ने अपने रुपए वापस मांगने के लिए बाला जी के  ऑफिस के चक्कर काटने शुरू किए मगर उसकी रकम नहीं वापस की गई।

पीड़ित बताया कि ने सचिन दत्ता से मिलने एक दिन ऑफिस चला गया तो वहां सचिन दे उसे दो फर्जी चेक पकड़ा दिए जो कि बाउंस हो गए। प्रमोद कुमार ने सोमवार को एसएसपी गौतमबुद्धनगर के कार्यालय पहुंच कर लिखित शिकायत की है।

सचिन दत्ता के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने की मांग

साथ ही उसने सचिन दत्ता के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने की मांग की है। पीड़ित ने बताया कि उसके जैसे और भी लोग हैं जिनके साथ सचिन दत्ता ने फर्जीवाड़ा किया है।

एसपी क्राइम ब्रांच विश्वजीत श्रीवास्तव के मुताबिक सचिन दत्ता के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के लिए प्रमोद कुमार ने लिखित शिकायत की है। मामले की जांच की जा रही है। आरोप तय होने पर रिपोर्ट दर्ज कर गिरफ्तारी भी की जाएगी।

सेक्टर-20 थाना अंतर्गत सीएसएम मॉल आता है। उसी मॉल में सचिन दत्ता का क्वांटम नामक बार एंड डिस्कोथेक रहा है। ऐसे में वहां के कई थाना प्रभारियों से उसकी काफी नजदीकियां रही हैं।

दो थाना प्रभारी तो ऐसे रहे हैं जो हर वक्त सचिन दत्ता के संपर्क में रहते हैं। इनमें से एक वह थाना प्रभारी, जिसकी तैनाती का कार्यकाल सेक्टर-20 थाने पर काफी लंबा रहा है। इसी क्रम में कई पुलिस अधिकारी भी उससे संबंध बनाने कभी पीछे नहीं रहे।
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नेता बनना चाहता था सचिन दत्ता

शराब, बार और रियल एस्टेट कारोबार में हाथ आजमा चुके सचिन दत्ता की तमन्ना थी कि वह नेता बने। नेताओं के पीछे लगने वाली भीड़ से वह काफी प्रभावित था।

सचिन दत्ता का नोएडा से करीब 20 साल पुराना नाता है। उसके साथी रहे एक व्यक्ति ने बताया कि सचिन हर समय यही कहता रहता था कि कारोबार में मजा नहीं आ रहा है। जल्दी-जल्दी कारोबार बदलने के चलते उसने ठान लिया था कि अब वह नेता बनेगा।

उसे पता था कि नेता बनने के बाद उसके साथ सरकारी सुरक्षा होगी, नाम के साथ-साथ रुतबा भी बढ़ेगा। कई नेताओं ने उसे आश्वासन भी दिया था लेकिन उसकी हसरत पूरी न हो सकी। आजकल करते करते लंबा समय बीत गया।
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