फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जानिए CNG फिटनेस घोटाले में कहां तक जाएगी जांच की आंच

Sun, 07 Jun 2015 06:08 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
विज्ञापन
100 करोड़ का सीएनजी कमर्शियल व्हीकल की कागजों में फिटनेस दिखाने का घोटाला था। कमर्शियल वाहनों का हर साल फिटनेस टेस्ट होता है।
विज्ञापन


तत्कालीन दिल्ली सरकार ने इस फिटनेस टेस्ट के लिए एक ऐसी प्राइवेट कंपनी को इसका ठेका दे दिया था जो फर्जी सर्टिफिकेट जारी करती थी। आरोप था कि उस कंपनी के पास फिटनेस टेस्ट की मशीन भी नहीं थी।

तत्कालीन सरकार ने उस कंपनी पर मेहरबानी कर बुराड़ी में जमीन भी दी और फिटनेस टेस्ट की जो भी फीस होती थी उसी के जेब में जाती था।

भाजपा के आरटीआई कार्यकर्ता विवेक गर्ग ने 2012 में आरटीआई के माध्यम सभी डिटेल निकाली और कोर्ट में शिकायत दर्ज की गई। उनका कहना है कि सिर्फ कागजों में ही फर्जी टेस्ट सीएनजी का होता था।
विज्ञापन

Trending Videos
विज्ञापन

किसकी बढ़ेगी मुश्किलें?

बता दें कि एसीबी इस मामले की कई दिनों से तफ्तीश भी कर रही थी । अब जांच शुरू होने से पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित की मुसीबतें बढ़ सकती हैं।

साथ ही उनके करीबी अफसर रहे डीएम सपोलिया और पीके त्रिपाठी भी घेरे में आ सकते हैं। अधिकारिक सूत्रों का कहना है कि  मामले की जांच के लिए दिल्ली के उपराज्यपाल से अनुमति मांगी गई थी।

उनके इजाजत नहीं देने से मामला लटक गया था। बताया जाता है कि पिछली सरकार के इस रवैये पर सीबीआई ने आपत्ति भी जताई थी।  आम आदमी पार्टी ने इस संबंध में केंद्रीय गृह मंत्रालय को भी घेरे में लिया है। पार्टी नेता केंद्रीय गृह मंत्रालय से कुछ सवाल भी किए हैं।

उल्लेखनीय है कि आप की 49 दिन की सरकार में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा था कि सीबीआई को सभी दस्तावेज मुहैया कराए जाएंगे। उन्होंने इस मामले में केंद्र सरकार और दिल्ली के उपराज्यपाल नजीब जंग की खामोशी पर भी निशाना साधा था।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें