सिंघु बॉर्डर पर सुबह 11 बजे से एक बजे के बीच आंदोलन में अपनी जान गंवाने वाले किसानों की स्मृति में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इसमें किसानों, परिजनों सहित तमाम वर्गों के लोग शामिल हुए। इसके बाद किसान नेताओं ने पूरे दिन संबोधन के दौरान किसानों के हक की लड़ाई में पीछे न हटने का दावा करते हुए आंदोलन की आगे की रुपरुखा तैयार करने में जुटे रहे। मृतक किसानों की याद में पाठ किया गया तो हर तरफ अरदास किया गया ताकि इस आंदोलन को आगे और सशक्त बनाया जा सके।
किसान समर्थकों में भी केंद्र सरकार के खिलाफ रोष बढ़ता जा रहा है। सिंघु बॉर्डर पर संबोधन के दौरान कृषि कानूनों को वापस लिए जाने तक विरोध जारी रखने का दावे पर टिकैत किसानों ने इन कानूनों को कॉरपोरेट्स के हक में बताते हुए केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज किया।