स्थानीय फैक्टरी संचालकों ने अतिरिक्त मोटर की मदद से पानी की व्यवस्था कर रखी है। ऐसी ही एक प्लास्टिक की फैक्टरी में कार्यरत मनोज ने बताया कि एक दिन में करीब पंद्रह सौ लीटर पानी किसानों को उपलब्ध कराया जाता है, वहीं इसके अलावा पीने के लिए आरओ पानी की व्यवस्था कर रखी है। नहाने के लिए पहुंचे किसान बलविंदर मान ने बताया कि प्रतिदिन फैक्टरी में ही नहाने की व्यवस्था हो रही है। इसके लिए स्थानीय लोगों से भरपूर सहयोग मिल रहा है, वहीं जब कभी आराम करने की आवश्यकता होती है तो इसके लिए भी कमरा मिल जाता है। एक अन्य किसान बलदेव संधू ने कहा कि किसानों के लिए प्रतिदिन सोने के लिए यहां व्यवस्था है। ऐसे में रात के समय ठंडी हवाओं से बचने में राहत मिलती है।
किसानों को फैक्टरियों से दिए गए हैं बिजली के कनेक्शन
स्थानीय फैक्टरी संचालकों ने किसानों को बिजली कनेक्शन कि सुविधा प्रदान कर रखी है। ऐसे में बॉर्डर पर डटे हुए कुछ किसानों ने अपनी ट्रॉली के लिए फैक्टरी संचालकों से बिजली के कनेक्शन ले रखे हैं और रोशनी की व्यवस्था की हुई है। हालांकि, इसके लिए फैक्टरी संचालक किसी भी प्रकार का कोई शुल्क नहीं वसूल रहे हैं।
-बुजुर्ग किसानों को रात के समय ठंड की वजह से परेशानी हो रही थी। ऐसे में हमने कार्यालय का कमरा सोने के लिए उपलब्ध करा दिया है। यहां किसान अपना कंबल और बिस्तर लेकर रुके हुए हैं।-चंदन, वाईफाई कार्यालय संचालक
-कुछ किसान नहाने के लिए जगह का प्रस्ताव लेकर आए थे। इसके लिए हमने अपने प्रभारी से बात करा किसानों के नहाने के लिए व्यवस्था करा दी है। अब सुबह 5 बजे से लेकर देर शाम तक किसानों का नहाना धोना जारी रहता है।-मनोज शर्मा, प्लास्टिक फैक्टरी में कार्यरत कर्मचारी