दिल्ली में भाजपा के लिए सीएम पद की उम्मीदवार रही किरण बेदी ने बिहार विधानसभा चुनाव में हार के बाद एनडीए के हार के कारणों की ओर इशारा करते हुए नसीहत दी है।
सोशल साइट पर ट्विट के माध्यम से पूर्व महिला आईपीएस ने कहीं न कहीं इस हार के लिए भाजपा की ओर से की गई बयानबाजी को जिम्मेदार माना है। उन्होंने हार से सबक लेने की भी कहा है।
किरण बेदी ने बिहार की हार से सबक सीखने के लिए भी कहा है। उन्होंने बिहार चुनाव नतीजों पर एक के बाद एक कई ट्विट किए और अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की।
Recall, just till early last year it was huge about scams and corruption,now it's a lot about statements and comments. How times change..?— Kiran Bedi (@thekiranbedi) November 8, 2015
गौरतलब है कि दिल्ली में भाजपा की हार का ठीकरा किरण बेदी पर फोड़ा गया था। ऐसे में किरण बेदी के ये ट्विट कहीं न कहीं उनके मन की टीस का भी नतीजा हो सकते हैं।
'शब्द तीर के तरह, निकले तो वापस नहीं आते'
किरण बेदी ने लिखा कि बिहार ने वही चुना जिसे वो चाहता था। अब जिम्मेदारी बिहार को अभाव से निकाल कर तेज विकास की ओर ले जाने की होनी चाहिए।
शब्द तीर की तरह होते हैं। निकल जाएं या छोड़ दिए जाएं तो वापस नहीं आते हैं। फिर भी यहां एक लंबे समय तक प्रभावी रहने वाला संदेश है। कीमती सीख लेने में कभी भी देर नहीं करनी चाहिए।
याद करें, पिछले साल की शुरूआत तक घोटालों और भ्रष्टाचार के बारे में बहुत कहा गया। अब ये ज्यादातर बयान और टिप्पणी के बारे में है। समय कैसे बदलता है?
जनता की यादाश्त छोटी मानी जाती है। जिसके अपने फायदे और नुकसान होते हैं। फिलहाल सबसे अच्छा अब या आज पर केंद्रित करना है। इतनी ज्यादा घटनाओं के चलते पहले क्या कहा गया और क्या हुआ याद करना मुश्किल है। इसके लिए जानकारी ही चाबी है।
Words are like arrows. Once drawn and shot cannot be retrieved. Hence there's a long lasting message. Never late for a valued learning--— Kiran Bedi (@thekiranbedi) November 8, 2015
'अगर ठीक नहीं कर सकते तो आहत ने करें'
अगर हम ठीक नहीं कर सकते तो आहत भी न करें। जनता के बयान, राजनिति और टीवी भी लोगों को खुश कर सकते हैं। पाठ्यक्रम में सुधार की जरूरत है।
गौरतलब है कि इससे पहले जब भाजपा को दिल्ली विधानसभा चुनाव में हार का सामना करना पड़ा था तो किरण बेदी ने दिल्ली में हार को भाजपा की हार करार दिया था।
हालांकि उन्होंने पीएम मोदी से ट्विट कर माफी भी मांगी थी। उन्होंने कहा था कि पार्टी के नेतृत्व ने जो भरोसा उन पर जताया था उस पर खरी नही उतर पाई थी।
If we can't heal,do not hurt. Public statements,political or TV, may please moderate,even in decibels.This is the needed course correction— Kiran Bedi (@thekiranbedi) November 9, 2015