दिल्ली में लोकसभा चुनानों के बाद बीजेपी विधानसभा चुनावों की तैयारी में जुट गई है। खबर है कि उसने आम आदमी पार्टी को टक्कर देने के लिए मुख्यमंत्री पद का नया उम्मीदवार भी तलाश्ा लिया है।
यह नया उम्मीदवार कोई और नहीं, बल्कि कभी अरविंद केजरीवाल की सहयोगी रही किरण बेदी हैं। किरण बेदी और अरविंद केजरीवाल दोनों ही अन्ना आंदोलन के बाद चर्चा में आए। लेकिन बाद में अलग हो गए।
ख्ाबर है कि अब बीजेपी इस अलगाव का फायदा उठाते हुए किरण बेदी को सीएम उम्मीदवार बनाने दांव खेलने जा रही है। यह भी कहा जा रहा है कि किरण बेदी भी इस बात पर मान सकती हैं।
क्या होंगी चुनौतियां?
भारतीय जनता पार्टी पिछले चुनाव में भी सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर सामने आई थी। पार्टी ने दिल्ली की 70 में से 32 सीटों पर जीत दर्ज करने के बावजूद सरकार नहीं बनाई थी।
हालांकि यह फैसला भी पार्टी के पक्ष में गया था। क्योंकि बाद में कांग्रेस से समर्थन हासिल कर सरकार बनाने वाली आम आदमी पार्टी को 49 दिनों के बाद ही इस्तीफा देना पड़ा था।
ऐसे में पार्टी की सबसे बड़ी चुनौती यह होगी कि अगर फिर से चुनाव होते हैं तो पूर्ण बहुमत तक कैसे पहुंचा जाए। हालांकि, किरण बेदी की साफ-सुथरी और सशक्त महिला की छवि बीजेपी को फायदा पहुंचा सकती है।
इन दिनों दिल्ली में कैसे हैं माहौल?
बीते 10 अप्रैल को ही दिल्ली में लोकसभा चुनावों के लिए मतदान हुआ। मतदान के बाद हुए ओपिनियन पोल में बीजेपी की स्थिति काफी मजबूत बताई जा रही है। सोमवार को ही हुए एक बड़े ओपिनियन पोल में बीजेपी को दिल्ली की सात सीटों में से छह पर जीत मिलने की बात कही गई।
वहीं चुनाव के दौरान मोदी लहर की भी काफी चर्चा रही। ऐसें में दिल्ली में विधानसभा चुनाव के लिए परिस्थितियां बीजेपी के अनुकूल हैं। जबकि प्रमुख विपक्षी पार्टी आप की इन दिनों काफी आलोचना हुई है।
पार्टी इसी का फायदा उठाते हुए दिल्ली में चुनाव की तैयारी कर रही है। सोमवार को हुई लोकसभा चुनावों की समीक्षा बैठक में भी लोकसभा चुनाव के मुद्दे कम, विधानसभा चुनावों के मुद्दे अधिक छाए रहे।
आप की बिगड़ी छवि का मिलेगा फायदा?
दिल्ली में कांग्रेस के सहयोग से सरकार बनाने और फिर 49 दिनों बाद इस्तीफा देने को लेकर आम आदमी पार्टी और अरविंद केजरीवाल की तीखी आलोचना हो रही है।
यही नहीं, लोकसभा चुनाव के दौरान पार्टी के टिकट बांटने के तरीके और राजनीति करने के तरीकों की भी आलोचना की जा रही है। ऐसे में अगर बीजेपी किरण बेदी को आगे कर दिल्ली में चुनाव लड़ेगी तो इसका फायदा मिलना मिल सकता है।
दरअसल, पिछले चुनाव में भी बीजेपी ने 32 सीटें हासिल कर ली थी। लेकिन पूर्ण बहुमत से चार सीटें दूर रह गई थी। अब अगर पार्टी चुनाव के लिए तैयार रहती है, तो इन चार सीटों का फासला मिट सकता है।
मोदी की प्रशंसा आई काम
दरसअल, किरण बेदी इन लोकसभा चुनावों में नरेंद्र मोदी समर्थक के तौर पर सामने आई हैं। चाहे सोशल मीडिया हो या फिर कोई बहस, किरण बेदी ने हमेशा ही बीजेपी के पीएम उम्मीदवार को वोट देने की वकालत की है।
वहीं पिछली बार डॉ. हर्षवर्धन के नेतृत्व में विधानसभा चुनाव लड़ने वाली बीजेपी ने उन्हें लोकसभा चुनाव में दिल्ली के चांदनी चौक सीट से उम्मीदवार बना दिया है। इस वजह से किरण बेदी को सीएम उम्मीदवार बनाने की चर्चा जोरों पर हैं।
फिलहाल दिल्ली में राष्ट्रपति शासन लगा हुआ है। हालांकि इसके बावजूद दिल्ली विधानसभा भंग नहीं है। इस पर जल्द ही फैसला होना है।