फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

किरण बेदी बनीं 'बवाल', भाजपा में मचा कोहराम

विज्ञापन
विज्ञापन
किरण बेदी आगामी विधानसभा चुनावों में भाजपा का चेहरा होंगी या नहीं, ये अब तक तय नहीं हो पाया है। हालांकि बेदी के रवैये के कारण भाजपा में कलह जरूर शुरु हो गई है।
विज्ञापन


भाजपा के पुराने दिग्गज जगदीश मुखी ने कहा कि किरण बेदी को पार्टी में शामिल करने के मुद्दे पर स्थानीय नेताओं से बातचीत नहीं की गई। मुखी ने ये तक कहा डाला है कि बेदी को अब तक मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित नहीं किया गया है।

रविवार को दिल्ली के सभी सांसदों को चाय पार्टी पर बुलाए जाने के मसले पर दिल्ली के ही एक सांसद मनोज तिवारी ने किरण बेदी के खिलाफ तीखी टिप्पणी कर दी है। उन्होंने कहा है कि कल का नेता आकर हमें डिक्टेट करे, ये हो नहीं सकता।
विज्ञापन


हालांकि बीजेपी नेता मनोज तिवारी पार्टी आलाकमान से फटकार खाने के बाद अपने बयान से मुकर गए हैं। तिवारी ने कहा कि ये सभी खबरें गलत हैं और हम किरण बेदी के आने से बहुत खुश हैं।

'हमें नहीं है थानेदर की जरूरत'

मनोज तिवारी ने कहा कि किरण बेदी पार्टी की कार्यकर्ता हैं और उन्‍हें उसी प्रकार व्यवहार करना चाहिए। उन्होंने कहा, 'बेदी ने हाल ही में भाजपा कार्यकर्ताओं से जिस प्रकार बात की, वह मुझे बिलकुल भी अच्छा नहीं लगा।'

तिवारी ने कहा कि किरण बेदी को उदार होना चाहिए। उन्हें सदस्य के रूप में भाजपा में शामिल किया गया है। वे अब तक मुख्यमंत्री पद की उम्मीदवार नहीं बनाई गई हैं।

किरण बेदी के खिलाफ तल्‍खी भरे लहजे में तिवारी ने कहा कि हमें थानेदार की जरूरत नहीं है। हमें एक ऐसे नेता की जरूरत है, जो सभी को साथ लेकर चल सके।

अपने पूर्व बयान से पलटने के बाद मनोज तिवारी ने कहा कि इन खबरों से पता चलता है कि 'आप' कितनी परेशान है। उन्होंने ये भी दावा किया कि विधानसभा चुनाव के अंत में 'आप' केवल आठ विधायकों वाली पार्टी रह जाएगी।

भाजपा ने दी मनोज ‌तिवारी को चेतावनी

हालांकि मनोज तिवारी का बयान भाजपा आलाकमान को रास नहीं आया है। भाजपा ने किरण बेदी की सार्वजनिक रूप से आलोचना करने के कारण तिवारी को चेतावनी दे डाली है।

सूत्रों का कहना है कि बेदी ने तिवारी के बयान पर आलाकमान से बात की है, जिसके बाद पार्टी के बड़े नेता ‌तिवारी को फोन कर उनसे सफाई मांगी है।

उल्लेखनीय है कि किरण बेदी ने रविवार को दिल्ली के सभी सांसदों को अपने घर बुलाया था। लेकिन दो सांसद उदित राज और मनोज तिवारी वहां नहीं गया।

पिछले चुनाव में केंद्रीय मंत्री रह चुके केंद्रीय मंत्री हर्षवर्धन को किरण बेदी के आवास पर पहुंचने में कुछ देर हो गई, जिसके बाद वह उनसे बिना मिले चली गईं।
विज्ञापन

प्रदेशस्तर पर बेदी के बारे में कोई सलाह नहीं मांगी गई

पार्टी के एक अन्य नेता जगदीश मुखी ने कहा कि किरण बेदी को पार्टी में शामिल करने के लिए राय-बात उच्चस्तर पर हुई होगी लेकिन राज्यस्तर पर कोई बातचीत नहीं हुई। मुखी ने आगे कहा कि अब पार्टी की प्राथमिकताएं बहुत अलग हैं।

मुखी ने आगे कहा कि इस वक्त पार्टी का लक्ष्य 10 करोड़ सदस्य बनाने और दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी बनाने का है। कोई भी पार्टी में शामिल हो सकता है। कोई भी किसी को नहीं रोक सकता और यहां किसी से सलाह लेने की कोई बात ही नहीं आती।

मुखी से जब पूछा गया कि क्या बेदी के पार्टी में शामिल होने से बीजेपी के पुराने और वरिष्ठ नेता निराश हैं तो मुखी ने कहा कि वो दूसरों के नहीं केवल अपने बारे में जानते हैं। उन्होंने आगे कहा कि वो आरएसएस के सिपाही हैं और एक ‌मिशन के तहत काम कर रहे हैं।

मुखी बोले कि अगर पार्टी को लगता है कि बेदी के आने से पार्टी का हित सधता है तो ऐसा होने दीजिए। बेदी को अब तक सीएम का चेहरा नहीं बनाया गया है। वो बोले कि हो सकता है कि बेदी को कैंपेन कमिटी का अध्यक्ष बना दिया जाए जैसे माकन को कांग्रेस का बनाया गया है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें