शहीद जवान नरेंद्र हरियाणा में सोनीपत जिले के खरखौदा कस्बे के थाना कलां गांव के रहने वाले थे। उनका जन्म वर्ष 1967 में हुआ था। वे 8वीं कक्षा तक की शिक्षा गांव के ही स्कूल में की। इसके बाद 10वीं कक्षा खरखौदा हाई स्कूल से पास की। वर्ष 1987 में नरेंद्र सिंह बीएसएफ में भर्ती हुई और पहली पोस्टिंग गुजरात में थी। नरेंद्र सिंह की तीसरी बार पोस्टिंग जम्मू में हुई थी।
जवान के शहीद होने की खबर मंगलवार दोपहर से ही इलाके में फैल गई थी लेकिन बीएसएफ इसकी पुष्टि नहीं कर रहा था। देर शाम बीएसएफ की तरफ से आधिकारिक बयान आया कि मंगलवार सुबह 10.40 बजे पर बीएसएफ के जवान फेंसिंग के आगे गश्त कर रहे थे। तभी पाकिस्तानी रेंजरों ने उन पर फायरिंग शुरू कर दी। जवानों ने मोर्चा लेते हुए जवाबी कार्रवाई की। इस दौरान एक गोली जवान को लग गई।
घटना के बारे में बताया गया कि चार से पांच जवान एसपी माजरा 1 पोस्ट (अग्रिम पोस्ट) के पास सरकंडा साफ करने गए थे। तभी पाक रेंजरों ने फायरिंग कर दी। उस समय बैट टीम भी घात लगाकर बैठी हुई थी। हमला होते ही पाकिस्तानी रेंजरों ने इन्हें कवर फायर दिया। बैट टीम के सदस्य घायल जवान को अपने साथ उस पार ले गए। करीब दो घंटे तक घायल जवान को अपने पास रखा और फिर हत्या कर दी। जवान का एक हाथ, पैर काटने और आंखें निकालकर शव को क्षत-विक्षत करने की भी खबर सामने आई।