मिर्जापुर निवासी सतीश की हत्या जुए में हारे रुपये और मकान नहीं देने पर की गई थी। पुलिस ने हत्याकांड का खुलासा करते हुए गांव के ही रहने वाले महेश को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने वारदात में प्रयोग चाकू और डंडा भी बरामद कर लिया है। थाना प्रभारी विनीत कुमार ने बताया कि 20 नवंबर को गांव मिर्जापुर निवासी सतीश (20) संदिग्ध हालात में लापता हो गया था।
26 नवंबर को गांव के रजवाहे के पास उसका शव बरामद हुआ था। 27 नवंबर को सतीश के भाई राजकुमार ने गांव के ही महेश उर्फ नत्थी के खिलाफ हत्या सहित अन्य आरोपों में मुकदमा दर्ज कराया था। एक सप्ताह बाद भी आरोपी कि गिरफ्तारी न होने से ग्रामीण नाराज थे। उन्होंने आरोपी की गिरफ्तारी की मांग को लेकर बृहस्पतिवार को थाने का घेराव भी किया था। इसके बाद पुलिस ने आरोपी को कस्बे के बस अड्डे के पास से गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के अनुसार आरोपी ने पूछताछ में बताया कि सतीश ने उसके घर पर जुआ खेला था। उसमें सतीश एक लाख रुपये और अपना मकान हार गया था। महेश कई दिन से सतीश पर मकान का बैनामा करने और एक लाख रुपये देने के लिए दबाव बना रहा था। लेकिन सतीश ने ऐसा करने से इंकार कर दिया था। इसी वजह से उसने पहले सतीश के सिर पर डंडा मारा और फिर चाकू से गोदकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद शव जंगल में फेंक दिया था।
घर में जुआ खिलाकर ब्याज पर देता है रुपये
ग्रामीणों का आरोप है कि महेश अपने घर में कई वर्षों से लोगों को जुआ खिलाता है और हारने वालों को मोटी ब्याज पर पैसे देकर वसूली करता है। रुपये नहीं देने पर उन्हें बेइज्जत या फिर मारपीट करता है।