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चमत्कार : बिना एक रुपये खर्चे हो गया किडनी ट्रांसप्लांट, एक मरीज ने बचाई दो जान

Fri, 17 Feb 2017 12:09 AM IST
पवन कुमार/अमर उजाला, नई दिल्ली
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किडनी प्रत्यारोपण कराने के बाद फिलहाल ताराचंद सफदरजंग अस्पताल में भर्ती है और स्वास्थ्य लाभ ले रहा है। किडनी प्रत्यारोपण होने के बाद उसका कहना है कि वह इतना गरीब है कि उसने कभी सोचा भी नहीं था कि वह किडनी प्रत्यारोपण करा पाएगा लेकिन बिना किसी खर्च के किडनी प्रत्यारोपण होने से ताराचंद की खुशी का ठिकाना नहीं है।
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प्रत्यारोपण करने वाले चिकित्सक का कहना है कि चंडीगढ़ से एक ब्रेन डेड मरीज की दोनों किडनी लाई गई और एक पुरुष और एक दिल्ली की युवती को प्रत्यारोपित किया गया। बिहार के 48 वर्षीय ताराचंद की दोनों किडनी खराब हो चुकी थी न तो कोई किडनी दान करने वाला मिल रहा था और न ही उसके पास इतने पैसे थे कि वह निजी अस्पताल में किडनी प्रत्यारोपण करा पाता।

वह अपनी बीमारी का इलाज सफदरजंग अस्पताल में करा रहा था और किडनी प्रत्यारोपण कराने का इंतजार कर रहा था। वहीं दिल्ली की एक 32 वर्षीय अविवाहित युवती भी किडनी प्रत्यारोपण कराने का इंतजार कर रही थी और डोनर नहीं मिलने की वजह से वह कैडेवर डोनर का इंतजार कर रही थी। दोनों की तलाश सफदरजंग अस्पताल के चिकित्सकों ने पूरी कर दी।
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अब दोनों मरीज स्वस्थ

- फोटो : अमर उजाला
सफदरजंग अस्पताल के यूरोलॉजी विभाग और रिनल ट्रांसप्लांट यूनिट के प्रमुख डॉ.अनूप कुमार ने बताया कि पांच फरवरी को उन्हें सूचना मिली की चंडीगढ़ के पोस्टग्रैज्युएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च में एक मरीज को ब्रेन डेड घोषित किया गया है और उसके परिजन अंगदान करना चाहते हैं।

इसके बाद शीघ्र चिकित्सकों की एक टीम तैयार की गई जो पीजीआई चंडीगढ़ पहुंच कर मरीज के शरीर से दोनों किडनी को रीट्रिव कर सके। रात 11 बजे किडनी लेकर टीम चंडीगढ़ से दिल्ली के लिए रवाना हुई जो सुबह करीब पांच बजे दिल्ली पहुंची।

सुबह छह बजे दोनों मरीजों का प्रत्यारोपण शुरु किया गया। प्रत्यारोपण करने में पांच घंटे से ज्यादा का समय लगा, अब दोनों मरीज स्वस्थ हैं। डॉ.कुमार ने बताया कि दोनों मरीजों से किडनी प्रत्यारोपण के लिए कोई शुल्क नहीं लिया गया है। 
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