हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर को स्टार प्रचारक के तौर पर दिल्ली विधानसभा चुनाव में उतारने की रणनीति पर प्रदेश भाजपा असमंजस में है। पार्टी ने खट्टर से दिल्ली की पानी की समस्या को खत्म करने का ऐलान कराकर उन्हें बतौर स्टार प्रचारक के रूप में भुनाने की तैयारी की थी। प्रदेश भाजपा ने इसके लिए सम्मान समारोह का भी आयोजन किया था। लेकिन इस रणनीति पर उस समय पानी फिरता दिखाई दिया जब खट्टर पानी देने के मुद्दे पर अपनी स्थिति साफ नहीं कर पाए।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक हरियाणा के मुख्यमंत्री और उनकी पूरी कैबिनेट को दिल्ली में 8-10 दिनों के लिए प्रचार में उतारने की योजना थी। दिल्ली के पंजाबी बहुल विधानसभा क्षेत्र में खट्टर से धुआंधार प्रचार कराने की तैयारी कर ली गई थी। पार्टी यह मान कर चल रही थी कि खट्टर चूंकि दिल्ली में प्रचारक रह चुके हैं, लिहाजा संघ से भी तालमेल ठीक रहेगा। साथ ही मतदाताओं को यह बताया जा सकेगा कि आने वाले समय में दिल्ली में पानी की समस्या दूर हो जाएगी। लेकिन इस रणनीति पर पानी फिरता देख दिल्ली भाजपा अपने को ठगा सा महसूस कर रही है।
पार्टी सूत्रों का कहना है कि शनिवार को आयोजित सम्मान समारोह में हरियाणा को पानी के मुद्दे पर कुछ ऐसा बयान देना चाहिए था जिससे दिल्ली की जनता को लगता कि पानी की समस्य अब तो खत्म हो जाएगी। हालांकि ऐसा नहीं हुआ। अब पार्टी की नजर सोमवार को खट्टर के साथ केंद्रीय शहरी मंत्री, परिवहन मंत्री समेत अन्य मंत्रालय की बैठक पर टिकी है। खट्टर, हरियाणा के प्रभारी प्रो. जगदीश मुखी के साथ डिनर पर भी मिलेंगे।