तबीयत खराब होने के चलते जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय के छात्र उमर खालिद ने भूख हड़ताल तोड़ दी है। भूख हड़ताल के 12वें दिन तबीयत अत्यधिक बिगड़ने पर खालिद को एम्स में भर्ती किया गया, जहां कुछ घंटों के बाद हालत में सुधार होने पर उसे छुट्टी दे दी गयी है।
जेएनयू छात्रसंघ के मुताबिक, उमर की हालत लगातार खराब हो रही थी, लेकिन वह भूख हड़ताल नहीं तोड़ना चाहता था। सोमवार को जब तबीयत अत्यधिक खराब हो गई तो उसे एम्स में भरती करना पड़ा। इसके बाद उसने भूख हड़ताल तोड़ दी।
विश्वविद्यालय छात्रों के मुताबिक, उमर को मंगलवार को रायबरेली पहुंचना है। क्योंकि उसे वहां एक सभा में भाग लेने की अनुमति मिली हुई है। इसी के चलते उसने एम्स से खुद डाक्टरों को बोलकर छुट्टी ली है।