पुलिस जांच में ये बात सामने आई है कि उमर खालिद ने ही जामिया इस्लामिया के छात्र व अन्य युवकों को कार्यक्रम में फोन व एसएमएस करके बुलाया था।
उधर, दक्षिण जिला पुलिस इस तैयारी में लगी हुई है कि देशद्रोह में बंद कन्हैया को जमानत न मिल सके। मालूम हो कि, दिल्ली पुलिस आयुक्त भीमसेन बस्सी यह कह चुके हैं कि अगर कन्हैया जमानत के लिए आवेदन करता है तो पुलिस विरोध नहीं करेगी।
दक्षिण जिले के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि अगर कन्हैया कुमार की आसानी से जमानत हो जाती है तो दक्षिण जिला पुलिस पर कई सवाल पैदा हो जाएंगे। उसकी विश्वसनीयता पर भी फर्क पड़ेगा। पुलिस के पास कन्हैया के खिलाफ काफी सबूत हैं। ऐसे में पुलिस उसकी जमानत का पुरजोर विरोध करेगी।
इस संबंध में पुलिस एडिशनल सॉलिसिटर जनरल से सलाह व परामर्श ले रही है। कन्हैया की जमानत याचिका पर मंगलवार को सुनवाई होनी है।