अनुशासन का पाठ पढ़ाने वाली पुलिस को खुद अनुशासन रास नहीं आ रहा है। पुलिसवाले अफसरों के निर्देश और पुलिस मैनुअल को ताक पर रखे हुए हैं।
यही वजह है कि पिछले डेढ़ साल में 124 पुलिसवालों को सस्पेंड किया गया है। इनमें 50 से ज्यादा ऐसे पुलिसवाले हैं, जिन्होंने उगाही, रिश्वत या आपराधिक वारदातों में शामिल रहकर खाकी को बदनाम किया। विजयनगर में रिश्वत लेने और गैंगरेप के आरोप में मंगलवार को दो सिपाही सस्पेंड किए गए।
पिछले साल 96 पुलिसवाले सस्पेंड किए गए। इनमें 25 एसआई, हेड कांस्टेबल सात और 64 कांस्टेबल थे। इनमें से कुछ कार्य में लापरवाही करने, शिथिलता बरतने और जांच सही से न करने पर सस्पेंड किया गया है।
कई ऐसे हैं, जिन्हें उगाही, रिश्वत और आपराधिक मामलों के आरोप में निलंबित किया गया है। इसके अलावा कई ने शराब पीकर उत्पात मचाया था।
इस साल पिछले छह माह में 28 पुलिसवालों पर निलंबन की गाज गिरी। इनमें दो इंस्पेक्टर, सात एसआई, तीन हेड कांस्टेबल और 16 कांस्टेबल हैं। हालांकि हालात ये हैं कि इतनी कार्रवाई होने के बावजूद पुलिसवाले नहीं सुधर रहे हैं।
ये किए गए सस्पेंड
इंस्पेक्टर-02
एसआई-32
हेडकांस्टेबल-10
कांस्टेबल-80