देश के सभी 1168 केंद्रीय विद्यालयों में पहली कक्षा में दाखिले की रेस शुरू हो गई है। शैक्षिक सत्र 2020-21 में पहली बार विद्यार्थियों को एससी-एसटी, ओबीसी, दिव्यांग, सिंगल गर्ल चाइल्ड, आरटीई आरक्षण का लाभ भी मिलेगा।
ऑनलाइन पंजीकरण विंडो 7 अगस्त शाम 7 बजे बंद होगी। पहली बार ऑनलाइन आवेदन के लिए विशेष तौर पर मोबाइल एप भी तैयार किया गया है। इस साल पहली कक्षा में संशोधित नियमों से दाखिले होंगे। केंद्र सरकार के तय आरक्षण व दाखिला नियमों से सीट मिलेगी।
एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, पहली कक्षा में इस बार कुल सीटों में आरटीई 15 फीसदी (10 सीट), एससी 15 फीसदी (6 सीट), एसटी 7.5 फीसदी (3 सीट), ओबीसी 27 फीसदी (11 सीट) और दिव्यांगजनों के लिए तीन फीसदी सीट आरक्षित रहेंगी। इसके तहत पहली कक्षा में प्रति सेक्शन 40 सीट निर्धारित हैं।
प्रति सेक्शन पांच सीट कोटे (सांसद और एचआरडी मंत्री) की रहेंगी। इसके अलावा, डिफेंस (तीनों सेनाओं), शहीद परिवार, एक्सआर्मी, केंद्रीय कर्मचारी, एचआरडी, केवी, केंद्र सरकार के विदेश में कार्यरत कर्मी या अधिकारी, नेशनल अवार्ड, रिसर्च क्षेत्रों में कार्यरत कर्मियों के बच्चों के लिए सीटें आरक्षित हैं। पहली कक्षा में दाखिला प्रवेश परीक्षा की बजाय ड्रॉ के आधार पर मेरिट व आरक्षण के तहत होगा। स्कूलों को अब पहली कक्षा से लेकर अन्य कक्षाओं में सीटों की जानकारी ऑनलाइन शेयर करनी अनिवार्य होगी।
पांच से आठ किलोमीटर नेबरहुड
निजी स्कूलों की तर्ज पर केवी स्कूलों में अब घर के आसपास के स्कूलों में दाखिला मिलेगा। प्रमुख शहरों और शहरी इलाकों में घर से स्कूल की दूरी 5 किलोमीटर के अंदर होनी चाहिए। इसके अलावा अन्य परिस्थितियों में यह 8 किलोमीटर भी हो सकती है।
आरक्षित वर्ग का सर्टिफिकेट अपलोड करें
ओबीसी समेत अन्य आरक्षित वर्ग का लाभ लेने के लिए अभिभावकों को ऑनलाइन आवेदन के साथ ही आरक्षित वर्ग का सर्टिफिकेट भी अपलोड करना होगा। इसलिए पेरेंटस ऑनलाइन आवेदन विंडो बंद होने से पहले सर्टिफिकेट अपलोड कर दें।