दिल्ली में चुनाव बेशक अभी दूर हैं, लेकिन आम आदमी पार्टी (आम) के पदाधिकारी संयोजक अरविंद केजरीवाल के रडार पर हैं। सभी पदाधिकारियों को केजरीवाल के सामने साप्ताहिक बही-खाता पेश करना पड़ रहा है।
इसमें न सिर्फ पुराने काम की समीक्षा होती है, बल्कि आगे का लक्ष्य भी दिया जाता है। माना जा रहा है कि पूरी कवायद पार्टी को अलर्ट मोड पर रखने की है।
लोकसभा चुनाव में पटखनी खाने के बाद आप की राष्ट्रीय कार्यकारिणी ने अरविंद केजरीवाल पर दिल्ली की जिम्मेदारी डाल दी थी। उसके बाद केजरीवाल ने पार्टी की दिल्ली इकाई का पुनर्गठन किया था। इस कड़ी में पूरी दिल्ली को 14 हिस्सों में बांटकर पर्यवेक्षक नियुक्त किए थे।
हर पर्यवेक्षक पर पांच-पांच विधानसभाओं की जिम्मेदारी डाली गई। इसी बीच पार्टी की महिला और यूथ इकाई का भी गठन किया गया।