आज 100 दिन के कामकाज के मुद्दे पर जब केजरीवाल बोलने खड़े हुए उनके तेवरों में तल्खी थी, और सामने थी केन्द्र सरकार। केजरीवाल लगातार बोलते रहे और उनका निशाना बीजेपी सरकार पर ही रहा।
दिल्ली सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि 40 साल पहले भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई के लिए एसीबी का गठन किया गया था। मुझे नहीं लगता कि आजतक किसी भी सरकार ने इतना काम दिल्ली के अंदर किया है जितना हमलोगों ने किया है।
केजरीवाल ने ईश्वर को याद करते हुए कहा कि मेरे खिलाफ जो भी वे ध्वस्त हो जाएंगे, क्योंकि भगवान हमारे साथ है। 100 दिन का हिसाब देते हुए केजरीवाल बोले कि हमारी सरकार के 11 मुद्दे हैं जिसमें बिजली, पानी, सड़क, भ्रष्टाचार मुख्य हैं, और हम उनपर अच्छे से काम कर रहे हैं।
'अंबानी के खिलाफ केस किया तो नियम ले आए'
केजरीवाल ने कहा कि हमने बिजली का बिल कम किया था। हमने 49 दिन की सरकार में मुकेश अंबानी के खिलाफ केस किया तो केन्द्र नया नियम लेकर आ गई थी।
100 दिन पूरे करने पर आप की रैली में बोल रहे केजरीवाल ने कहा कि आज हाईकोर्ट ने हर किसी के खिलाफ जांच करने का अधिकार एसीबी को दिया है। जिसके तहत अब सबके खिलाफ भ्रष्टाचार की जांच और कार्रवाई की जा सकती है। कोर्ट ने कहा है कि एसीबी को किसी भी मामले में किसी के खिलाफ भी जांच का अधिकार है।
कोर्ट के मुताबिक एंटी करप्शन ब्यूरो भ्रष्टाचार के मुद्दों पर दिल्ली पुलिस के खिलाफ एक्शन ले सकती है। दिल्ली हाईकोर्ट ने भ्रष्टाचार के मामले में गिरफ्तार दिल्ली पुलिस के हेड कांस्टेबल अनिल कुमार की जमानत की अर्जी भी खारिज कर दी है। एसीबी ने 1 मई को अनिल कुमार को गिरफ्तार किया था।
गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने उपराज्यपाल और दिल्ली सरकार विवाद के बीच नोटिफिकेशन जारी कर एसीबी को केंद्रीय कर्मचारियों पर कार्रवाई करने से रोका है।
जानिए क्या है पूरा मामला?
ACB दिल्ली पुलिस की ब्रांच है लेकिन फिलहाल मुख्यमंत्री को रिपोर्ट करती है। केजरीवाल के पहली बार सीएम बनने पर एसीबी ने ही केजी बेसिन गैस के मुद्दे पर रिलायंस के मुकेश अंबानी, पूर्व पेट्रोलियम मंत्री वीरप्पा मोइली, मुरली देवड़ा के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी।
कोर्ट के इस आदेश से जहां केंद्र सरकार को झटका लगा है। वहीं दिल्ली सरकार के लिए ये आदेश उपराज्यपाल और केंद्र सरकार से टकराव के बीच राहत भरी खबर है।
केजरीवाल की कैबिनेट ने 26 और 27 मई को दो दिनों का विशेष सत्र बुलाया है, जिसमें केंद्रीय गृह मंत्रालय के नोटिफिकेशन पर चर्चा होगी।