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केजरीवाल का मोदी सरकार पर हमला, कहा- मई 2014 से भारत में अघोषित आपातकाल

Fri, 21 Dec 2018 04:29 PM IST
पूजा मेहरोत्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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- फोटो : अमर उजाला
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शुक्रवार को एक ट्वीट करके आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक एवं दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने कहा कि जब से देश में भाजपा की सरकार आई है, तब से देश एक अघोषित आपातकाल में जी रहा है।

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सरकार के कार्यकाल के आखिरी कुछ महीनो में तो भाजपा सरकार ने नैतिकता की सारी हदें पार कर दी। सरकार का जनता के कम्प्यूटर्स पर निगरानी रखने का फैसला, जनता के संवैधानिक अधिकारों का हनन है। क्या जनता के अधिकारों में इस प्रकार का हस्तक्षेप बर्दाश्त किया जा सकता है?

यह बात किसी से भी नहीं छिपी है कि भाजपा ने अपने राजनितिक लाभ के लिए देश के सभी सरकारी संस्थानों का गलत उपयोग किया है। चाहे आरबीआई हो, सीबीआई हो, एसीबी हो या देश की अन्य सरकारी संस्थान। भाजपा ने अपने निजी लाभ के लिए इन सभी संस्थानों का बेड़ा गर्क कर दिया है।
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आज आरबीआई की स्थिति इतनी खरब हो चुकी है कि आरबीआई में एक के बाद एक दो गवर्नरो ने भाजपा की तानाशाही से परेशान होकर अपना पद छोड़ दिया। वही हालात आज सीबीआई में भी बनी हुए है।

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पूरे देश ने देखा कि किस प्रकार से भाजपा की सरकार में सीबीआई अधिकारी आपस में ही लड़ रहे हैं। देश का सबसे शक्तिशाली संसथान टूट के कगार पर खडा हुआ है। देश के बाकी सरकारी संस्थानों का भी यही हाल है।

गृह मंत्रालय ने एक नोटिफिकेशन जारी करके कहा है कि देश की 10 सरकारी संस्थानों को अधिकार दिया गया है कि वो देश के किसी भी नागरिक के कम्प्यूटर्स की कभी भी जांच कर सकते हैं। ऐसा लगता है इस देश को प्रधानमंत्री नहीं बल्कि एक जासूस मिला है, जो देश के हर नागरिक की जासूसी करना चाहता है, हर घर में झांककर देखना चाहता है। ये क़ानून बनाकर भाजपा अपने विरोधी पार्टी के नेताओं पर सिकंजा कसना चाहती है। विरोधी नेताओं की क्या कमजोरियां है, किस तरह से उन्हें ब्लैकमेल किया जा सकता है।

आम आदमी पार्टी का मानना है कि भाजपा द्वारा लागू किया गया ये निर्देश असंवेधानिक है, अलोकतांत्रिक है, और माननीय उच्च न्यायालय द्वारा लोगो के निजिता के अधिकारों को सुरक्षित रखने का जो आदेश है उस पर हथोडा चलाने और माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों का अपमान करने का का काम भाजपा ने किया है। आम आदमी पार्टी दोनों सदनों में इसका पुरजोर विरोध करेगी, और सरकार पर ये आदेश वापस लेने का दवाब डालेगी।
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