मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने वित्त मंत्री अरुण जेटली मानहानि मामले में वर्ष 1999 से 2014 के बीच डीडीसीए की बैठकों का ब्यौरा दिलवाने की मांग की है। हाईकोर्ट ने इस मुद्दे पर अरुण जेटली को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
संयुक्त रजिस्ट्रार पंकज गुप्ता ने जेटली को 28 जुलाई तक इस मुद्दे पर अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया है। जेटली ने केजरीवाल व पांच अन्य आप नेताओं के खिलाफ 10 करोड़ की मानहानि का मुकदमा दायर किया हुआ है।
केजरीवाल ने दायर आवेदन में 1999 और 2014 के बीच हुई जनरल बॉडी और कार्यकारी समिति या दिल्ली और जिला क्रिकेट एसोसिएशन (डीडीसीए) निदेशक मंडल द्वारा आयोजित बैठकों के ब्यौरे को समन करने की मांग की है। याची ने कहा कि वे 28 जुलाई व 31 जुलाई के दस्तावेज के जरिये जेटली से जिरह करना चाहते हैं।
जेटली के अधिवक्ता अमित महाजन ने आपत्ति जताते हुए कहा कि आवेदन सही तरीके से दायर नहीं किया गया और इसे उचित तरीके से दायर करने का निर्देश दिया जाए। केजरीवाल के अधिवक्ता ने माना कि आवेदन में कुछ गलती हुई है। लेकिन आवेदन को खारिज नहीं किया जा सकता।
इस मामले में केजरीवाल के अलावा आप नेता राघव चड्डा, कुमार विश्वास, आशुतोष, संजय सिंह और दीपक बाजपेयी को आरोपी बनाया गया है। आप के नेताओं ने आरोप लगाया था कि डीडीसीए के अध्यक्ष के रूप में जेटली ने काफी अनियमितताएं बरती थीं।
जेटली ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए 10 करोड़ रुपये मानहानि का मुकदमा दायर किया था। हाल ही में केजरीवाल के अधिवक्ता राम जेठमलानी द्वारा जिरह के दौरान कुछ आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल करने पर जेटली ने 10 करोड़ रुपये का अतिरिक्त मुकदमा दायर कर दिया था।