नामांकन के लिए मंगलवार को चुनाव कार्यालय पहुंचे मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने विपक्षी दलों के गठबंधन पर जमकर निशाना साधा। केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली में आम आदमी पार्टी (आप) भ्रष्टाचार को हराना चाहती है, जबकि विपक्षी दलों ने केजरीवाल को हराने के लिए गठबंधन कर रखा है।
अरविंद केजरीवाल के मुताबिक, दिल्ली चुनाव में यह पहला मौका है जब भाजपा, एलजेपी, जेजेपी, कांग्रेस, आरजेडी मिलकर सिर्फ केजरीवाल को हराना चाहते है, जबकि हम भ्रष्टाचार को हराकर दिल्ली को आगे ले जाना चाहते है। हम स्कूल अच्छा करना चाहते है। अस्पताल बेहतर करना चाहते है। मुफ्त बिजली, परानी, महिलाओं को यात्रा कराना है। मगर गठबंधन का मकसद सिर्फ मुझे हराना है।
गौरतलब है कि अरविंद केजरीवाल को सोमवार को ही नामांकन करना था। लेकिन रोड शो में फंस जाने से वह नामांकन नहीं कर सके थे। मंगलवार को करीब 12 बजे वह जाम नगर के चुनाव कार्यालय में नामांकन करने पहुंचे थे। करीब सात घंटे के इंतजार के बाद वह नामांकन कर सके।
नामांकन में देरी को बताया आप ने साजिश
अरविंद केजरीवाल के नामांकन में हुई देरी को आम आदमी पार्टी ने भाजपा की साजिश करार दिया। पार्टी ने आरोप लगाया कि भाजपा बड़ी संख्या में लोगों को भेजकर केजरीवाल का नामांकन नहीं होने देना चाहती थी। प्रदेश संयोजक गोपाल राय के मुताबिक, अचानक बिना कागज के लोग जाकर लाइन में खड़े हुए थे। इससे मन में प्रश्न आ रहा है कि इसे पीछे कोई सुनियोजित साजिश है। उन्होंने कहा कि उनके पास कुछ नहीं बता तो विपक्ष यही कर रहा है। लेकिन इससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा। नामांकन एक बजाए के बजाए 6 बजे के बाद होगा। मगर नामांकन तो होगा ही। हालांकि बाद में अरविंद केजरीवाल ने कहा कि ऐसा कुछ नहीं है। बहुत से लोग पहली बार प्रत्याशी बनकर आए थे, इसलिए वे उनकी मदद कर रहे थे।
चुनाव अधिकारियों ने नहीं लगाया समय : जिलाधिकारी
नई दिल्ली के जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि विधानसभा 40 नई दिल्ली के लिए नामांकन करने आए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को हुई देरी के बाद सोशल मीडिया पर गलत सूचना फैलाई गई। एक उम्मीदवार को नामांकन करने के दौरान करीब 35 मिनट का समय लगता है। मंगलवार को अंतिम दिन जाम नगर हाउस में सर्वाधिक 66 नामांकन पत्र प्राप्त हुए। इन सब की जांच करने में लंबा वक्त लगता है। सभी नामांकन की बारीकी से जांच होती है। उम्मीदवार के द्वारा प्रस्तुत हलफनामे की गंभीरता से जांच होती है, ताकि किसी प्रकार की गलती न हो जाए। संबंधित आरओ ने नियम के तहत ही जांच प्रक्रिया को अपनाया जिसमें लंबा समय लग गया।
दोपहर से शाम तक
दोपहर करीब 12 बजे
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल अपने माता-पिता के साथ जामनगर हाउस पहुंचे। मीडिया से बातचीत करने के बाद वह अपने सहयोगी पंकज गुप्ता, प्रस्तावकों और वकील के साथ अंदर गए।
दोपहर 12.15 बजे
जाम नगर हाउस एसडीएम कार्यालय के परिसर में पहुंचे तो वहां लंबी कतार लगी थी। मगर उनके कुछ लोग पहले से कतार में आगे खड़े थे। वह उनकी जगह पहुंचकर टोकन नंबर 45 लेने पहुंचे तो लोगों ने विरोध शुरू किया। आरोप लगाया लाइन तोड़कर उन्हें आगे लगाया गया है।
शाम करीब 6.15 बजे
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का नंबर आया वह नामांकन के लिए रिटर्निंग आफिसर के कमरे में गए।
शाम करीब 6.35 मिनट
अरविंद केजरीवाल को 20-25 मिनट नामांकन दाखिल करने में लगा। वह अपने सहयोगियों के साथ बाहर आएं।