मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का मानना है कि अगर ठेकेदारी प्रथा न खत्म होने का पैमाना स्थायी हो जाने के बाद कर्मियों का काम न करना है तो सबसे पहले आईएएस अधिकारियों को ठेकेदारी प्रथा पर डाल देना चाहिए।
केजरीवाल के मुताबिक, ज्यादातर अफसर काम नहीं करते। हर काम में अड़ंगा लगा देते हैं। सचिवालय में ही विकास पर अड़ंगा लगा दिया गया है। केजरीवाल सोमवार को दिल्ली विद्युत बोर्ड पेंशनधारकों के कार्यक्रम में बोल रहे थे।
नौकरशाही का कटघरे में खड़ा करने के साथ उन्होंने उपराज्यपाल पर भी तंज कसा। कार्यक्रम में दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष राम निवास गोयल, ऊर्जा मंत्री सत्येंद्र जैन समेत बड़ी संख्या में पेंशनधारक शामिल थे।
केजरीवाल ने बताया कि पिछले दिनों उन्होंने एनडीएमसी की बैठक में ठेके पर काम कर रहे कर्मियों को पक्का करने का एक प्रस्ताव रखा। लेकिन अफसर प्रस्ताव के खिलाफ खड़े हो गए। अफसरों की दलील थी कि ठेके के कर्मियों को पक्का करने पर वह काम नहीं करते।