चुनाव प्रचार के लिए सार्वजनिक व निजी संपत्ति को गंदा करने के मामले में डूसू छात्र संघ रॉकी तुषीड ने सोमवार को हाईकोर्ट के समक्ष पेश होकर माफी मांगी। तुषीड के अलावा अन्य उम्मीदवार भी कोर्ट में पेश हुए और सबने माफी मांगी। कोर्ट ने पिछली तारीख पर तुषीड के पेश न होने पर कड़ी नाराजगी जाहिर की थी।
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश की अगुवाई वाली पीठ ने तुषीड से कहा कि आपने शहर को बदरंग कर दिया है। अगर उसके खिलाफ व अन्य उम्मीदवारों पर कानूनी कार्रवाई की जाए तो उन्हें दस साल की सजा हो सकती है और उनका करियर बर्बाद हो सकता है।
छात्र नेताओं ने कोर्ट के समक्ष कहा वह एनजीओ व अन्य लोगों को साथ लेकर सार्वजनिक संपत्ति को साफ कर देंगे और भविष्य में ऐसा नहीं करेंगे। इस मामले में याचिकाकर्ता अधिवक्ता प्रशांत मनचंदा ने मेट्रो स्टेशन की ताजा तस्वीरें पेश कर कहा कि चुनाव के एक माह बाद भी मेट्रो स्टेशन व दूसरे स्थानों से स्प्रे पेंट साफ नहीं हो सका है। मेट्रो प्रशासन भी इसे साफ करने में अपनी असमर्थता जाहिर कर चुका है।