मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का मानना है कि दिल्ली में कोरोना वायरस तेजी से बढ़ रहा है। इस पर चिंता जाहिर करते हुए केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली पर संक्रमित लोगों का अतिरिक्त बोझ भी पड़ा है। दिल्ली के अपने कोरोना के मामले कम हैं। केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लॉकडाउन की अवधि बढ़ाने का स्वागत करते हुए कहा कि अगर सब लोगों ने इसका पालन किया तो दो हफ्ते में कोरोना से मुक्ति मिल जाएगी।
केजरीवाल ने बताया कि दिल्ली में पिछले दिनों बहुत तेजी से कोरोना वायरस से संक्रमण के मामले बढ़े हैं। यह बड़ी चिंता का विषय है। हालांकि, उन्होंने माना कि दिल्ली के ऊपर अतिरिक्त बोझ है। पहले कोरोना प्रभावित देशों से बड़ी संख्या में यात्री दिल्ली आए। वहीं, मरकज की घटना से भी अतिरिक्त बोझ दिल्ली पर पड़ा है। दोनों के मिले-जुले असर से संक्रमण के मामले ज्यादा है।
केजरीवाल ने कहा कि इसके बावजूद दिल्ली में कोरोना संक्रमण को तेजी से जनता के बीच फैलने नहीं दिया गया। प्रधानमंत्री ने लॉकडाउन की अवधि तीन मई तक बढ़ा दी है। अगर दो-तीन हफ्ते हमने लॉकडाउन का अच्छे से पालन किया तो कोरोना वायरस से मुक्ति मिल जाएगी। अगर हमने अनुशासन में रहकर इस तकलीफ का सामना कर लिया तो भारत के हालात दुनिया के दूसरे देशों जैसे नहीं होने पाएंगे।
बड़ी संख्या में इलाके में सील, बुधवार को केजरीवाल करेंगे दौरा
अरविंद केजरीवाल ने बताया कि संक्रमण को रोकने के लिए बड़ी संख्या में इलाकों को सील किया जा रहा है। जिस इलाके में 3 या इससे ज्यादा लोग संक्रमित होते हैं, उसको कन्टेंमेंट घोषित कर सील कर दिया जाता है। सोमवार तक 47 इलाके सील थे, जहां ऑपरेशन शील्ड चलाया जा रहा है। केजरीवाल के मुताबिक, वह बुधवार को कुछ कन्टेंमेंट इलाकों का दौरा करके पता करेंगे कि लोगों का आम जरूरत की चीजें किस तरह मिल रही हैं।
दिल्ली में अब भी कोरोना पर कंट्रोल
दिल्ली सरकार के अधिकारियों का कहना है कि अभी तक कुल मरीजों का चार फीसदी ही दिल्ली के अंदर से हैं। बाकी या तो मरकज से जुड़े हैं या विदेश से आए हैं। दिल्ली में सबसे ज्यादा करीब 71 फीसदी मरकज के मरीज हैं। हैरानी की बात यह कि सोमवार को चौबीस घंटों में सबसे ज्यादा 356 नए मामले सामने आए, इसमें से 325 मरकज के थे। वहीं, सोमवार तक इनकी संख्या 1071 थी। यह दिल्ली के कुल मरीजों 1510 का करीब 71 फीसदी है। वहीं, 25 फीसदी मरीज विदेश से आए हैं।